ओमान में आमने-सामने होंगे ईरान और अमेरिका, शुक्रवार को होगी बड़ी वार्ता, क्या परमाणु विवाद का निकलेगा हल?

US Iran Conflict: ईरान और अमेरिका के बीच शुक्रवार को ओमान में अहम वार्ता होने वाली है। हालिया तनाव के बावजूद दोनों देश परमाणु मुद्दे और क्षेत्रीय विवादों को सुलझाने की कोशिश करेंगे।
Iran and the US will meet face-to-face in Oman for crucial talks on Friday. Will a solution to the nuclear dispute be found?
अमेरिका-ईरान तनाव, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
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Iran America Oman Talks News In Hindi: मध्य पूर्व में जारी भारी तनाव के बीच ईरान और अमेरिका के संबंधों में जमी बर्फ पिघलने की उम्मीद जगी है। ईरानी मीडिया की हालिया रिपोर्टों के अनुसार, दोनों देशों के बीच शुक्रवार को ओमान में एक उच्च स्तरीय वार्ता होने जा रही है।

अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसियों आईएसएनए और तसनीम के साथ-साथ 'स्टूडेंट न्यूज नेटवर्क' ने भी इस बात की पुष्टि की है कि मस्कट इस महत्वपूर्ण बैठक की मेजबानी करेगा। हालांकि, ओमान की सरकार ने अभी तक आधिकारिक तौर पर यह स्वीकार नहीं किया है कि वह इस वार्ता की मेजबानी करेगा लेकिन उसका इतिहास ईरान और अमेरिका के बीच परमाणु वार्ता के कई दौरों की मेजबानी करने का रहा है।

तनावपूर्ण माहौल में सुलह की कोशिश

यह वार्ता ऐसे समय में प्रस्तावित है जब वाशिंगटन और तेहरान के बीच सैन्य और कूटनीतिक तनाव चरम पर है। हाल ही में अमेरिका ने एक ईरानी ड्रोन को मार गिराया था, जबकि ईरान ने भी अमेरिकी झंडे वाले एक जहाज को रोकने का प्रयास किया था। इन घटनाओं के बावजूद, व्हाइट हाउस ने उम्मीद जताई है कि यह बातचीत होगी। दोनों पक्षों के बीच परमाणु मुद्दे, क्षेत्रीय अस्थिरता और ईरान पर लगे आर्थिक प्रतिबंधों जैसे लंबे समय से चले आ रहे पेचीदा विवादों को सुलझाने की दिशा में इस बैठक को एक 'संभावित शुरुआत' के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि दोनों देशों के लिए किसी ठोस सहमति पर पहुंचना आसान नहीं होने वाला है।

ईरानी राष्ट्रपति का 'फेयर टॉक' वाला रुख

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने हाल ही में बातचीत को लेकर अपनी सरकार का नजरिया साफ किया था।, उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी साझा की थी कि उन्होंने अपने विदेश मंत्री अब्बास अराघची को अमेरिका के साथ निष्पक्ष और न्यायसंगत बातचीत आगे बढ़ाने के स्पष्ट निर्देश दिए हैं। राष्ट्रपति पेजेश्कियन के अनुसार, यह फैसला क्षेत्र के कुछ मित्र देशों की सरकारों के अनुरोध पर लिया गया है जिन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति के बातचीत के प्रस्ताव पर ईरान से सकारात्मक प्रतिक्रिया देने की अपील की थी।

ईरान के भीतर गंभीर मानवीय संकट

एक ओर कूटनीतिक हलचल जारी है, तो दूसरी ओर ईरान के भीतर आंतरिक स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। एक्टिविस्ट्स और 'ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट्स न्यूज एजेंसी' के अनुसार, देशव्यापी विरोध प्रदर्शनों पर हुई खूनी कार्रवाई के बाद अब तक 50,000 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

सरकारी आंकड़ों और कार्यकर्ताओं के अनुसार, इन प्रदर्शनों में कम से कम 6,876 लोग मारे गए हैं हालांकि डर है कि वास्तविक संख्या इससे कहीं अधिक हो सकती है। ईरान में बड़े पैमाने पर इंटरनेट बंद होने के कारण स्वतंत्र रूप से इन आंकड़ों का आकलन करना एक बड़ी चुनौती बना हुआ है। अब पूरी दुनिया की नजरें शुक्रवार को होने वाली इस बैठक पर टिकी हैं।

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