बांग्लादेश में यूनुस सरकार की खुली पोल! भ्रष्टाचार में डूबा देश, 18 मंत्रियों की संपत्ति में भारी इजाफा

Bangladesh Most Corrupt Country: मोहम्मद यूनुस के 18 महीनों के दौरान बांग्लादेश में भ्रष्टाचार चरम पर पहुंच गया है। हालिया रिपोर्टों के अनुसार, देश अब दुनिया के 13 सबसे भ्रष्ट देशों की सूची में शामिल।
The Yunus government in Bangladesh has been exposed! The country is mired in corruption, with 18 ministers experiencing a significant increase in their wealth.
मोहम्मद यूनुस, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
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Muhammad Yunus Government Corruption Report: बांग्लादेश में मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार पर 'लूट' मचाने के गंभीर आरोप लगे हैं। पिछले 24 घंटों के भीतर ढाका से आई दो अलग-अलग रिपोर्टों ने सरकार की कार्यप्रणाली पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। इन रिपोर्टों में न केवल देश में बढ़ते भ्रष्टाचार का खुलासा हुआ है बल्कि यह भी सामने आया है कि इस दौरान सरकार के मंत्रियों की निजी संपत्ति में बेतहाशा बढ़ोतरी हुई है।

भ्रष्टाचार में बढ़ा बांग्लादेश का ग्राफ

ग्लोबल ट्रांसपेरेंसी द्वारा जारी साल 2025 की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, बांग्लादेश में भ्रष्टाचार के मामलों में भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। जब यूनुस की सरकार सत्ता में आई थी, तब बांग्लादेश भ्रष्ट देशों की सूची में 14वें स्थान पर था लेकिन अब यह एक पायदान और गिरकर 13वें स्थान पर पहुंच गया है। चिंताजनक बात यह है कि जहां बांग्लादेश के पड़ोसी देश भारत में भ्रष्टाचार के मामलों में कमी आई है, वहीं बांग्लादेश इस दलदल में और गहरे धंसता जा रहा है। वैश्विक स्तर पर रिपोर्ट बताती है कि डेनमार्क दुनिया का सबसे कम भ्रष्ट देश है, जबकि अमेरिका और यूरोप के देशों में भी भ्रष्टाचार बढ़ने पर चिंता जताई गई है।

मंत्रियों की संपत्ति में करोड़ों का इजाफा

दूसरी सबसे चौंकाने वाली रिपोर्ट खुद बांग्लादेश सरकार द्वारा जारी की गई है जो मंत्रियों और सलाहकारों की संपत्ति से संबंधित है। रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार के 18 मंत्रियों की औसत संपत्ति में 6 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस की अपनी संपत्ति में 1.61 करोड़ टका से अधिक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

सलाहकार भी पीछे नहीं

संपत्ति बढ़ने के मामले में अन्य सलाहकार भी पीछे नहीं हैं। सलाहकार आदिलुर रहमान की कुल संपत्ति 98 लाख 22 हजार सात टका से बढ़कर अब 2 करोड़ 52 लाख 99 हजार 269 टका हो गई है। इसी तरह, बिधान रंजन रॉय पोद्दार की संपत्ति में भी लगभग 1.5 करोड़ टका का इजाफा हुआ है।

हालांकि, सरकार ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि इतने कम समय में इन संपत्तियों में इतनी बड़ी बढ़ोतरी कैसे हुई। जानकारों और विशेषज्ञों का मानना है कि ये तो केवल संशोधित आधिकारिक आंकड़े हैं, जबकि वास्तविक संपत्ति इससे कई गुना ज्यादा हो सकती है।

अस्थिरता और भविष्य की चिंता

18 महीने के इस कार्यकाल में 'लूट' की इन खबरों ने यूनुस सरकार की साख पर गहरा धक्का लगाया है। भ्रष्टाचार बढ़ने के इन आंकड़ों ने ढाका की राजनीति में भूचाल ला दिया है। जनता के बीच यह सवाल उठ रहा है कि जो सरकार सुधार के वादे के साथ आई थी, उसके अपने ही कार्यकाल में भ्रष्टाचार और निजी संपत्तियों का ग्राफ इतनी तेजी से कैसे बढ़ गया।

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