ट्रंप के 'पीस बोर्ड' को पुतिन की चुनौती! फिलिस्तीनी राष्ट्रपति पहुंचे रूस; मॉस्को 1 बिलियन देने को तैयार

Gaza Peace Board: अमेरिका द्वारा 'गाजा पीस बोर्ड' से बाहर किए जाने के बाद फिलिस्तीनी राष्ट्रपति महमूद अब्बास ने मॉस्को में पुतिन से मुलाकात की। पुतिन ने गाजा के लिए 1 बिलियन देने की पेशकश की है।
Trump's 'peace plan' challenged by Putin! Palestinian president arrives in Russia; Moscow ready to provide $1 billion.
व्लादिमीर पुतिन और महमूद अब्बास, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
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Mahmoud Abbas Russia Visit: गाजा में शांति स्थापना और पुनर्निर्माण को लेकर वैश्विक राजनीति दो ध्रुवों में बंटती नजर आ रही है। एक तरफ स्विट्जरलैंड के दावोस में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपने महत्वाकांक्षी 'गाजा पीस बोर्ड' के गठन के प्रस्ताव पर हस्ताक्षर कर रहे थे तो दूसरी ओर फिलिस्तीन प्राधिकरण के राष्ट्रपति महमूद अब्बास रूस की राजधानी मॉस्को पहुंच गए।

क्रेमलिन में राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने अब्बास का स्वागत किया जिसे ट्रंप की शांति पहल के खिलाफ एक बड़े कूटनीतिक जवाबी हमले के रूप में देखा जा रहा है।

अब्बास को किनारे करने पर पुतिन की 'शह'

महमूद अब्बास के मॉस्को दौरे को अत्यंत अहम माना जा रहा है क्योंकि अमेरिका ने उन्हें न केवल गाजा पीस बोर्ड से बाहर रखा है बल्कि उनकी डेवलपमेंट कमेटी में भी शामिल नहीं किया है। इतना ही नहीं, ट्रंप प्रशासन ने हाल के दिनों में अब्बास के राष्ट्रपति पद को भी स्वीकार करने से इनकार कर दिया है। इस स्थिति का फायदा उठाते हुए पुतिन ने अब्बास से मुलाकात कर गाजा के नाराज गुटों को समर्थन देने का संकेत दिया है।

पुतिन की 1 बिलियन की शर्त

मुलाकात के दौरान व्लादिमीर पुतिन ने गाजा पीस बोर्ड में शामिल होने की इच्छा जताई, लेकिन इसके साथ ही एक बड़ा कूटनीतिक दांव भी खेला। पुतिन ने कहा कि यदि अमेरिका रूस की जब्त की गई संपत्ति पर से प्रतिबंध हटाता है, तो रूस गाजा के पुनर्निर्माण के लिए 1 बिलियन डॉलर देने को तैयार है। विशेषज्ञों का मानना है कि इसके जरिए पुतिन गाजा संकट का इस्तेमाल रूस पर लगे आर्थिक प्रतिबंधों को कम कराने के लिए करना चाहते हैं।

क्या है ट्रंप का गाजा पीस बोर्ड?

डोनाल्ड ट्रंप की ओर से गठित इस बोर्ड का उद्देश्य गाजा क्षेत्र में स्थायी शांति बहाल करना और वहां आधारभूत ढांचे को सशक्त करना है। इस बोर्ड की कमान स्वयं ट्रंप के हाथों में है और वे इसके अध्यक्ष की भूमिका निभा रहे हैं। बोर्ड की स्थायी सदस्यता प्राप्त करने के लिए 1 बिलियन डॉलर का योगदान निर्धारित किया गया है।

प्रस्ताव के तहत गाजा में करीब दो लाख इमारतों के निर्माण की योजना है जिनमें सुरक्षा के लिहाज से बंकर, अस्पताल, सामुदायिक केंद्रों के साथ-साथ एक नए बंदरगाह के विकास का भी खाका शामिल है। हालांकि, गाजा के स्थानीय संगठनों में इस बोर्ड को लेकर नाराजगी है, क्योंकि इसमें इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को तो शामिल किया गया है लेकिन फिलिस्तीनी नेतृत्व (अब्बास) को दरकिनार कर दिया गया है।