लादेन तो मर गया, उसकी बीवियों का क्या हुआ? 14 साल बाद पाकिस्तानी राष्ट्रपति के करीबी ने खोला राज

Pakistan News: अमेरिकी नेवी सील ने 2011 में ओसामा बिन लादेन को मार गिराया था। उसकी मौत के बाद उसकी बीवियों का क्या हुआ, यह रहस्य अब 14 साल बाद पूर्व पाकिस्तानी राष्ट्रपति के सहयोगी ने पर्दा हटाया है।
लादेन तो मर गया, उसकी बीवियों का क्या हुआ? 14 साल बाद पाकिस्तानी राष्ट्रपति के करीबी ने खोला राज
ओसामा बिन लादेन (फोटो- सोशल मीडिया)
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Osama Bin Laden Wives: अमेरिकी नेवी सील ने 2 मई 2011 को दुनिया के सबसे बड़े आतंकी ओसामा बिन लादेन को मार गिराया था। हालांकि उसकी मौत के बाद से ही एक सवाल जो कई बार पूछा जा चुका है वो ये ओसामा की मौत बाद उसकी बीवियों का क्या हुआ। जिसका जवाब अब लादेन की मौत के 14 साल बाद पूरी दुनिया को पता चल गया है।

ओसामा बिन लादेन 9/11 हमलों के मास्टरमाइंड था। जिसे 2011 में अमेरिकी सेना ने पाकिस्तान के एबोटाबाद में 40 मिनट चले सीक्रेट ऑपरेशन में मार गिराया था। इसके बाद उसका परिवार दुनिया के लिए रहस्य बन गया। जिसपर से हाल ही में पाकिस्तान का राष्ट्रपित आसिफ अली जरदारी को पूर्व सहयोगी फरहतुल्लाह बाबर ने अपनी किताब The Zardari Presidency: Now It Must Be Told के जरिए पर्दा हटाया है।

पाकिस्तान की हिरासत, CIA की दखल

बाबर द्वारा लिखी किताब के मुताबिक, लादेन के मारे जाने के तुरंत बाद पाकिस्तान ने उसकी पत्नियों को हिरासत में ले लिया था। लेकिन हैरानी की बात यह रही कि कुछ ही दिनों में CIA की एक टीम सीधे एबोटाबाद कैंटोमेंट पहुंचकर उनसे पूछताछ करने लगी। इससे पाकिस्तान की संप्रभुता पर गहरे सवाल उठे।

बाबर ने कहा कि यह घटना पाकिस्तान के लिए राष्ट्रीय अपमान थी। अमेरिकी एजेंटों को देश में खुली छूट मिल गई और पाकिस्तान का नेतृत्व दबाव में झुका हुआ दिखाई दिया। किताब में आगे बताया गया है कि इस ऑपरेशन के बाद तत्कालीन अमेरिकी विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन और सीनेटर जॉन कैरी इस्लामाबाद पहुंचे। उस समय पाकिस्तान चाहता था कि अमेरिका भविष्य में ऐसे एकतरफा हमले न करे, लेकिन अमेरिका ने कोई ठोस आश्वासन नहीं दिया।

CIA के पास थी लादेन की पूरी जानकारी

फरहतुल्लाह बाबर ने किताब में सबसे बड़ा खुलासा यह है कि अमेरिका के पास बिन लादेन के एबोटाबाद ठिकाने की विस्तृत खुफिया जानकारी पहले से थी। यहां तक कि एजेंसी को उस ठेकेदार की पहचान भी पता थी, जिसने उसके लिए घर बनवाया था। बाबर की किताब से एक बार फिर यह साबित हो गया है कि पाकिस्तान पैसों के लिए किसी का भी साथ दे सकता है। हालांकि पाकिस्तान ये दावा करता आ रहा कि उसे लादेन के एबोटाबाद में होने की सूचना नहीं थी। लेकिन अंतरराष्ट्र्रीय समुदाय में इस बात को मानने वाले बहुत कम देश ही हैं।

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