
इजरायल के न्यूक्लियर फैसिलिटी के पास आया भूकंप (सोर्स- सोशल मीडिया)
Israel Conducted Nuclear Test: गुरुवार सुबह 9 बजे इजरायल के नेगेव रेगिस्तान में भूकंप के झटके महसूस किए गए, जब लोग अपने रोजमर्रा के काम में व्यस्त थे। रिक्टर पैमाने पर इसकी तीव्रता 4.2 मापी गई और झटके 100 किलोमीटर तक की दूरी में महसूस किए गए। भूकंप की यह तीव्रता और अवधि कम से मध्यम तीव्रता वाले परमाणु परीक्षण के बराबर बताई जा रही है, जिससे विशेषज्ञ यह अनुमान लगा रहे हैं कि कहीं यह किसी न्यूक्लियर टेस्ट का संकेत तो नहीं।
भूकंप के झटके इतना शक्तिशाली थे कि उत्तर इजरायल के मध्य और यरुशलम के उत्तर के क्षेत्रों में भी इन्हें महसूस किया गया। क्षेत्र में हल्के और मध्यम भूकंपीय गतिविधियां सामान्य रही हैं, लेकिन ईरान में विरोध प्रदर्शनों और राजनीतिक संकट के बीच आए इस भूकंप ने लोगों में दहशत फैला दी।
भूकंप वहीं आया जहां इजरायल की डिमोना न्यूक्लियर फैसिलिटी स्थित है। इस पर अमेरिकी मिक्स्ड मार्शल आर्टिस्ट जेक शील्ड्स ने सोशल मीडिया पर सवाल उठाया कि क्या यह घटना डिमोना में ट्रंप के लिए किसी चेतावनी का संकेत हो सकती है।
यह घटना ऐसे समय में हुई जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान पर प्रदर्शनकारियों की हत्या के आरोप लगाते हुए लगातार हमले की धमकी दे रहे हैं। हालांकि बुधवार को उन्होंने कहा कि उन्हें बताया गया है कि प्रदर्शनकारियों की हत्या रोक दी गई है और फांसी नहीं दी जा रही। ईरान के विदेश मंत्री ने भी फॉक्स न्यूज को दिए इंटरव्यू में स्पष्ट किया कि सरकार की फांसी देने की कोई योजना नहीं है।
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ईरान में दिसंबर के अंत में शुरू हुए विरोध प्रदर्शन 8 जनवरी से तेजी से उग्र हो गए और यह 1979 की ईरानी क्रांति के बाद सबसे बड़े विरोध प्रदर्शन बन गए। इस दौरान 2,600 से अधिक लोग मारे गए, जबकि कुछ रिपोर्टों में यह संख्या 12,000 तक बताई जा रही है। ईरान ने अमेरिका और इजरायल पर देश में अशांति फैलाने का आरोप लगाया है, जिससे क्षेत्रीय तनाव और बढ़ गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि भूकंप की यह स्थिति और स्थान राजनीतिक और सुरक्षा दृष्टि से संवेदनशील मानी जा रही है, और इस पर अंतरराष्ट्रीय नजरें टिकी हुई हैं।






