जख्मों पर डालते थे नमक...3 बार मारने की कोशिश की, कौन है मसीह अलीनेजाद? जिसने UN में खोली खामेनेई की पोल

Iran Protests: संयुक्त राष्ट्र में अमेरिका ने ईरान में विरोध प्रदर्शनों को दबाने की निंदा की, ट्रंप प्रशासन ने कठोर कार्रवाई की चेतावनी दी, असंतुष्टों ने यातनाओं का खुलासा किया और नए प्रतिबंध लगाए।
masih alinejad un speech
ईरानी सामाजिक कार्यकर्ता मसीह अलीनेजाद ने खोली ईरान की पोल (सोर्स- सोशल मीडिया)
Published on: 
Updated on: 

UN Emergency Meeting: ईरान में जारी विरोध प्रदर्शनों और बढ़ते दमन के बीच अमेरिका और ईरान के रिश्तों में तनाव अपने चरम पर पहुंच गया है। इसी बीच संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की एक आपात बैठक के दौरान दोनों देशों के अधिकारी आमने-सामने आए। बैठक में अमेरिका ने ईरान की खामेनेई सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए न केवल उसकी नीतियों की आलोचना की, बल्कि कठोर कार्रवाई की चेतावनी भी दोहराई।

संयुक्त राष्ट्र में अमेरिकी राजदूत माइक वॉल्ट्ज ने अपने बयान में कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप केवल बयानबाजी करने वाले नेता नहीं हैं, बल्कि जरूरत पड़ने पर निर्णायक कदम उठाने में विश्वास रखते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि ट्रंप प्रशासन ने तनाव कम करने की कोशिशें भी की हैं, लेकिन साथ ही यह भी साफ कर दिया है कि ईरान में हो रहे “नरसंहार” को रोकने के लिए सभी विकल्प खुले हैं। वॉल्ट्ज ने कहा कि ईरानी नेतृत्व इस सख्त रुख से अच्छी तरह वाकिफ है।

अहमद बातेबी ने सुनाई अपनी आपबीती

यह बयान ऐसे समय आया जब ईरान में विरोध प्रदर्शनों के दौरान बड़ी संख्या में लोगों की मौत की खबरें सामने आई थीं। हालांकि राष्ट्रपति ट्रंप ने हाल के दिनों में संकेत दिया कि हिंसा में कुछ कमी आती दिख रही है। गुरुवार तक विरोध प्रदर्शन काफी हद तक दबा दिए गए थे, लेकिन देश में इंटरनेट और फोन सेवाएं अब भी बाधित हैं। मानवाधिकार कार्यकर्ताओं का दावा है कि अब तक कम से कम 2,637 लोगों की जान जा चुकी है, जिस पर अमेरिका ने ईरानी सरकार की कड़ी निंदा की है।

इस आपात बैठक के दौरान अमेरिका ने दो ईरानी असंतुष्टों मसीह अलीनेजाद और अहमद बातेबी को अपने अनुभव साझा करने के लिए आमंत्रित किया। अलीनेजाद ने परिषद में मौजूद ईरानी प्रतिनिधि को सीधे संबोधित करते हुए कहा कि उन पर तीन बार हत्या की कोशिश हो चुकी है और उन्होंने अपने संभावित हत्यारे को न्यूयॉर्क के ब्रुकलिन स्थित अपने घर के पास देखा था। इस दौरान ईरानी अधिकारी बिना प्रतिक्रिया दिए सामने देखते रहे।

ईरानी विदेश ने UN महासचिव से की बात

वहीं अहमद बातेबी ने ईरान की जेलों में झेली गई यातनाओं का दर्दनाक विवरण दिया। उन्होंने बताया कि जेल गार्ड्स उन्हें गंभीर रूप से पीटते थे और फिर उनके घावों पर नमक डालते थे। उन्होंने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से अपील की कि ईरानी जनता को अकेला न छोड़ा जाए, क्योंकि उन्हें सड़कों पर उतरने के लिए प्रोत्साहित किया गया था।

बैठक से पहले ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस से फोन पर बात कर अमेरिका के “अवैध हस्तक्षेप” की निंदा करने की मांग की। इसी बीच अमेरिका ने विरोध प्रदर्शनों को दबाने के जिम्मेदार ईरानी अधिकारियों पर नए प्रतिबंधों की घोषणा भी कर दी है।

Navbharat Live
navbharatlive.com