US Iran Tension: खामेनेई की ट्रंप को बड़ी चेतावनी, कहा- अमेरिकी जंगी बेड़े को समंदर में डुबो देंगे

Middle East Tension: ईरान के सर्वोच्च नेता खामेनेई ने अमेरिकी युद्धपोतों को डुबोने की चेतावनी दी है। मिडिल ईस्ट में अमेरिका द्वारा 50 लड़ाकू विमानों की तैनाती के बाद दोनों देशों में तनाव चरम पर है।
US Iran Tension: Khamenei Warns to Sink US Warships Amid Military Deployment in Middle East
ईरान के सर्वोच्च नेता खामेनेई ने दी अमेरिकी युद्धपोतों को डुबोने की चेतावनी (सोर्स-सोशल मीडिया)
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Iran US Military Deployment Conflict: मिडिल ईस्ट में अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध जैसी स्थिति पैदा हो गई है। ईरान के सर्वोच्च नेता खामेनेई ने अमेरिका को जंगी बेड़ा तबाह करने की धमकी दी है। यह तनाव तब बढ़ा जब अमेरिका ने क्षेत्र में अचानक अपनी सैन्य ताकत बढ़ाने का फैसला किया। विशेषज्ञों का मानना है कि इस बयानबाजी से ईरान अमेरिकी सैन्य संघर्ष गहराता जा रहा है।

खामेनेई की तीखी चेतावनी

ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई ने हाल ही में अमेरिका को सीधी चेतावनी जारी की है। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक तस्वीर पोस्ट की जिसमें अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर समुद्र में डूबा दिख रहा है। खामेनेई ने कहा कि उनके पास ऐसे हथियार हैं जो किसी भी आधुनिक युद्धपोत को नष्ट कर सकते हैं। ईरानी नेता ने राष्ट्रपति ट्रंप के बयानों पर पलटवार करते हुए युद्धपोतों को डूबने वाला बताया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि एक खतरनाक युद्धपोत से भी ज्यादा घातक वह हथियार है जो उसे डुबो दे। इस बयान ने स्पष्ट कर दिया है कि ईरान अब किसी भी अमेरिकी हमले का करारा जवाब देगा।

अमेरिका की सैन्य तैनाती

अमेरिका ने पिछले 24 घंटों में मिडिल ईस्ट में अपनी सैन्य मौजूदगी को बहुत अधिक बढ़ा दिया है। रिपोर्ट्स के अनुसार वहां एफ-22, एफ-35 और एफ-16 जैसे 50 से अधिक आधुनिक लड़ाकू विमान भेजे गए हैं। इन विमानों के साथ ईंधन भरने वाले टैंकर भी भेजे गए हैं जो लंबे सैन्य अभियान का संकेत हैं। ट्रंप प्रशासन ने पहले ही ऐलान किया था कि उन्नत युद्धपोतों को ईरान की घेराबंदी के लिए भेजा है। ईरान इसे अपनी संप्रभुता के लिए एक बड़ी चुनौती के रूप में देख रहा है और डरा नहीं है। क्षेत्र में अमेरिकी विमानों की आवाजाही से युद्ध की आशंकाएं अब पहले से कहीं अधिक प्रबल हो गई हैं।

कूटनीतिक वार्ता और बाधाएं

तनाव के बीच जिनेवा में ओमान की मध्यस्थता से दोनों देशों के बीच दूसरे दौर की वार्ता हुई है। ईरानी विदेश मंत्री ने इस बातचीत को सकारात्मक बताया और कहा कि कई मुद्दों पर सहमति बनी है। हालांकि दोनों देशों के बीच कुछ मुख्य विवादित विषयों पर अभी भी गहरा गतिरोध बना हुआ है। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा कि ईरान राष्ट्रपति द्वारा तय रेड लाइन्स को नहीं मान रहा है। यही कारण है कि कूटनीतिक बातचीत के बावजूद जमीन पर सैन्य घेराबंदी लगातार बढ़ती जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर बातचीत विफल रही तो स्थिति हाथ से पूरी तरह निकल सकती है।

एंटी-शिप मिसाइल प्रणाली

माना जा रहा है कि ईरान ने इशारों में अपनी शक्तिशाली एंटी-शिप मिसाइल प्रणालियों का जिक्र किया है। ईरान ने सार्वजनिक रूप से युद्धपोतों को नष्ट करने का डर दिखाकर अमेरिका को पीछे हटने को कहा है। USS Gerald R. Ford जैसे बड़े जहाजों को निशाना बनाना ईरान की नई रणनीति का हिस्सा है।

युद्ध की बढ़ती आशंका

तेहरान और वॉशिंगटन के बीच बढ़ते तनाव ने पूरी दुनिया की चिंता को काफी बढ़ा दिया है। ईरान की रक्षा क्षमताओं और जवाबी कार्रवाई की तैयारी अब सार्वजनिक रूप से सामने आ गई है। दोनों ओर से जारी इस आक्रामक बयानबाजी ने मिडिल ईस्ट को बारूद के ढेर पर खड़ा कर दिया है।

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