महावितरण का एक्शन मोड! 94.60 करोड़ रुपये के लिए 1 लाख घरों की कटेगी बिजली; नागपुर जिले में सबसे ज्यादा बकाया

Mahavitaran Nagpur Bill Dues: नागपुर में 1 लाख से अधिक ग्राहकों पर ₹94.60 करोड़ बकाया। बिल न भरने पर कटेगा बिजली कनेक्शन, अवैध इस्तेमाल पर होगी जेल।
Mahavitaran starts a massive recovery drive in Nagpur and Wardha for ₹94.60 Cr dues. Power connections of 1 Lakh+ defaulters to be cut.
महावितरण का एक्शन मोड (सौजन्य-नवभारत)
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Electricity Disconnection Notice: नागपुर में बकाया बिजली बिलों की राशि को देखते हुए महावितरण अब एक्शन मोड पर आ गया है। 1,000 रुपये से अधिक बकाया रखने वाले नागपुर परिमंडल के कुल 1,00,339 लघुदाब उपभोक्ताओं पर ₹94.60 करोड़ की बकाया राशि होने के कारण कंपनी ने अब वसूली के लिए ‘विशेष अभियान’ शुरू किया है।

कंपनी के उपमुख्य जनसंपर्क अधिकारी योगेश विटणकर ने बताया कि नागपुर परिमंडल में लघुदाब श्रेणी के घरेलू, व्यावसायिक और औद्योगिक वर्ग के 1,00,339 ग्राहकों पर कुल ₹94.60 रुपये से अधिक बिल बकाया है। इसमें नागपुर जिले के 90,468 ग्राहकों पर ₹85.61 करोड़ रुपये और वर्धा जिला के 10,871 उपभोक्ताओं पर ₹8.99 करोड़ रुपये का बिल बकाया है।

कंपनी ने चेतावनी दी है कि बिजली बिल तत्काल जमा करें अन्यथा कनेक्शन काटने की कार्रवाई की जाएगी। बिजली कटने के बाद फिर से कनेक्शन के लिए अतिरिक्त शुल्क भी जमा करना होगा। बकायादारों से अपील की गई है कि किसी भी तरह की कड़ी कार्रवाई व असुविधा से बचने के लिए बिल समय पर जमा करें।

मुख्य अभियंता के नेतृत्व में विशेष दल

नागपुर परिमंडल के मुख्य अभियंता दिलीप दोडके स्वयं इस वसूली अभियान की निगरानी कर रहे हैं। उपविभाग स्तर पर तकनीकी कर्मचारियों की बैठक लेकर प्रत्येक कर्मचारी को बकाया वसूली का टारगेट दिया गया है। अधीक्षक अभियंता, कार्यकारी अभियंता, उपविभागीय अभियंता, शाखा अभियंता और तकनीकी कर्मचारी उपभोक्ताओं से सीधे संपर्क कर वसूली कर रहे हैं।

नोटिस के बाद भी भुगतान न करने वाले ग्राहकों के बिजली कनेक्शन काटने की कार्रवाई की जा रही है। बिजली काटे जाने के बाद कोई ग्राहक अवैध रूप से बिजली उपयोग करता पाया गया तो उसके खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया जाएगा। हाल ही में नागपुर के विशेष न्यायालय ने महल और गांधीबाग क्षेत्र के 2 ग्राहकों को अवैध बिजली उपयोग के मामले में न्यायालय की कार्यवाही समाप्ति तक कारावास और ₹10,000 जुर्माने की सजा सुनाई है।

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