सनाए ताकाइची फिर बनेंगी जापान की प्रधानमंत्री, चीन के साथ बढ़ सकता है तनाव, आज होगा मंत्रिमंडल गठन

Takaichi Takes Office: सनाए ताकाइची भारी बहुमत के साथ दोबारा जापान की प्रधानमंत्री बनने जा रही हैं। उनके सख्त रुख और सैन्य विस्तार की नीतियों से चीन के साथ क्षेत्रीय तनाव बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
Sanae Takaichi Set to Become Japan's PM Again, China Tensions May Rise Following Massive Victory
जापान की दिग्गज नेता और प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची (सोर्स-सोशल मीडिया)
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Sanae Takaichi Japan Prime Minister: जापान की दिग्गज नेता सनाए ताकाइची ने संसदीय चुनावों में भारी बहुमत हासिल कर अपनी शक्ति का लोहा मनवाया है। वह बुधवार को दूसरी बार देश के प्रधानमंत्री पद की शपथ लेकर अपने नए मंत्रिमंडल का गठन करने जा रही हैं। ताकाइची अपनी दक्षिणपंथी नीतियों और चीन के प्रति बेहद कड़े रुख के लिए पूरी दुनिया में जानी जाती हैं। उनके दोबारा सत्ता संभालने से पूर्वी एशिया में भू-राजनीतिक समीकरणों के बदलने की संभावना काफी बढ़ गई है।

ऐतिहासिक चुनावी जीत

ताकाइची की लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी ने जापान के शक्तिशाली निचले सदन में दो-तिहाई बहुमत हासिल किया है। इस बड़ी जीत के साथ अब उनके पास अपनी रूढ़िवादी सामाजिक नीतियों को लागू करने की पूरी ताकत आ गई है। वह इस प्रचंड बहुमत का उपयोग देश की सैन्य शक्ति को बढ़ाने और सरकारी खर्चों में वृद्धि के लिए करेंगी।

चीन के साथ तनाव

सनाए ताकाइची को चीन के प्रति कट्टर नजरिया रखने वाली नेता के रूप में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देखा जाता है। उन्होंने ताइवान के मुद्दे पर चीन को कड़े सैन्य जवाब की चेतावनी दी थी जिससे बीजिंग काफी नाराज है। विशेषज्ञों का मानना है कि ताकाइची की वापसी से चीन और जापान के बीच क्षेत्रीय तनाव और अधिक गहरा सकता है।

आर्थिक चुनौतियां और समाधान

जापान के सामने वर्तमान में बढ़ती कीमतों और स्थिर वेतन की समस्या एक बहुत बड़ी चुनौती बनी हुई है। ताकाइची ने जनता को राहत देने के लिए खाद्य उत्पादों पर दो साल के लिए बिक्री कर में कटौती का प्रस्ताव दिया है। हालांकि अर्थशास्त्रियों को डर है कि उनकी उदार राजकोषीय नीति से जापान का राष्ट्रीय कर्ज और अधिक बढ़ सकताSanae है।

सैन्य विस्तार का लक्ष्य

प्रधानमंत्री ताकाइची जापान की आक्रामक सैन्य क्षमताओं को बढ़ाने के लिए परमाणु पनडुब्बी विकास पर विचार कर रही हैं। वे घातक हथियारों के निर्यात पर लगे प्रतिबंध को हटाकर जापान को एक बड़ी सैन्य शक्ति बनाना चाहती हैं। युद्धोत्तर शांतिवादी संविधान में संशोधन करना भी उनके दीर्घकालिक और प्रमुख रणनीतिक लक्ष्यों में से एक है।

अमेरिकी सहयोग और निवेश

शपथ लेने के बाद ताकाइची अगले महीने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ एक महत्वपूर्ण शिखर सम्मेलन करेंगी। अमेरिका ने जापान में 550 अरब डॉलर के निवेश पैकेज का वादा किया है जिसमें से 36 अरब डॉलर की पहली किस्त जारी होगी। यह निवेश ओहियो में गैस संयंत्र और सिंथेटिक डायमंड विनिर्माण जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाओं के लिए प्रदान किया जाएगा।

विवादास्पद श्राइन यात्रा

ताकाइची ने चुनाव के तुरंत बाद टोक्यो के विवादास्पद यासुकुनी श्राइन की यात्रा के लिए अपना समर्थन जुटाना शुरू कर दिया है। जापान के पड़ोसी देश इस श्राइन की यात्रा को युद्धकाल के अपराधों के प्रति पछतावे की कमी के रूप में देखते हैं। इस कदम से दक्षिण कोरिया और चीन जैसे देशों के साथ जापान के राजनयिक संबंधों में कड़वाहट आ सकती है।

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