
अयातुल्ला अली खामेनेई और डोनाल्ड ट्रम्प, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
Iran US Tension: ईरान में जारी विरोध प्रदर्शनों और दंगों के बीच सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई ने कड़ा रुख अपनाते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को आड़े हाथों लिया है। शुक्रवार को जुमे की नमाज के बाद दिए अपने संबोधन में खामेनेई ने स्पष्ट किया कि ईरान किसी भी विदेशी ताकत का ‘भाड़े का सिपाही’ बनना बर्दाश्त नहीं करेगा और ट्रंप को इतिहास के गिरे हुए तानाशाहों की याद दिलाई।
खामेनेई ने कहा कि अतीत की तरह आज भी ईरान के बारे में अमेरिका के आकलन गलत साबित हो रहे हैं। उन्होंने जुमे की नमाज के बाद अपने संबोधन में कहा कि ईरान कभी भी विदेशियों का गुलाम या ‘भाड़े का सिपाही’ बनने को तैयार नहीं होगा। खामेनेई का यह बयान ट्रंप के उन दावों के जवाब में आया है जिनमें ईरान की आंतरिक स्थिति पर टिप्पणी की गई थी।
डोनाल्ड ट्रंप की हालिया धमकियों पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए खामेनेई ने कहा कि ट्रंप घमंड और अहंकार में डूबकर पूरी दुनिया पर फैसले सुनाते हैं। उन्होंने ट्रंप को चेतावनी देते हुए इतिहास के उन शासकों की याद दिलाई जिनका पतन उनके अहंकार के चरम पर हुआ था। खामेनेई ने फिरौन, नमरूद और ईरान के पुराने शासकों रज़ा ख़ान और मोहम्मद रज़ा का उदाहरण देते हुए कहा कि ये सभी ठीक उसी समय गिराए गए जब इनका अहंकार सातवें आसमान पर था।
खामेनेई ने ईरान की सड़कों पर प्रदर्शन कर रहे लोगों की भी तीखी आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारी किसी दूसरे देश के राष्ट्रपति (ट्रंप) को खुश करने के लिए अपनी ही सड़कों और संपत्तियों को बर्बाद कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि कोई किसी विदेशी ताकत के लिए काम करता है या उनका एजेंट बनता है, तो देश उसे कभी माफ नहीं करेगा।
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बता दें कि हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को धमकी दी थी कि यदि ईरानी सरकार ने प्रदर्शनकारियों को निशाना बनाया, तो अमेरिका इसका कड़ा जवाब देगा। खामेनेई ने इसी धमकी को सिरे से खारिज करते हुए इसे अमेरिका की पुरानी साजिश का हिस्सा बताया।






