
थाईलैंड से लाए गए 125 भारतीय, फोटो (सो. आईएएनएस)
Thailand Mae Sot Rescue: थाईलैंड के माई सोत क्षेत्र में फंसे 125 भारतीय नागरिकों को बुधवार को भारतीय वायुसेना (IAF) के विशेष विमान द्वारा स्वदेश लाया गया। बैंकॉक स्थित भारतीय दूतावास ने बताया कि ये सभी लोग म्यांमार के कुख्यात म्यावाडी साइबर ठगी केंद्रों से किसी तरह भागकर थाईलैंड पहुंचे थे, जहां स्थानीय अधिकारियों ने इन्हें हिरासत में लेकर जुर्माना लगाया और कई वस्तुएं जब्त कीं।
दूतावास के अनुसार, दक्षिण-पूर्व एशिया में संचालित घोटाला केंद्रों में फंसे भारतीयों की सुरक्षित वापसी भारत सरकार की शीर्ष प्राथमिकता बनी हुई है। इस मिशन के तहत बैंकॉक स्थित भारतीय दूतावास और चियांग माई स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास ने थाई प्रशासन, टाक प्रांत की एजेंसियों और सुरक्षा विभागों के साथ मिलकर लगातार राहत अभियान चलाया।
दूतावास ने एक्स पर पोस्ट कर भारतीय नागरिकों को आगाह भी किया कि वे विदेशों में नौकरी के झांसे में न फंसें। पोस्ट में स्पष्ट शब्दों में कहा गया कि विदेशों में नौकरी स्वीकार करने से पहले नियोक्ताओं और भर्ती एजेंसियों की विश्वसनीयता और रिकॉर्ड की जांच अनिवार्य है। साथ ही यह भी याद दिलाया गया कि भारतीय पासपोर्ट धारकों के लिए थाईलैंड में वीजा-मुक्त प्रवेश केवल पर्यटन और अल्पकालिक बिजनेस उद्देश्यों के लिए है, रोजगार पाने के लिए नहीं।
केवल एक दिन पहले ही 11 महिलाओं सहित 269 भारतीयों को भी माई सोत से स्वदेश भेजा गया था। इस ऑपरेशन में भी भारतीय वायुसेना के विशेष विमान तैनात किए गए थे। दूतावास के अनुसार, म्यांमार के म्यावाडी में हाल ही में घोटाला केंद्रों पर छापेमारी के बाद कई भारतीयों को रिहा किया गया था, जिन्हें सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने के लिए यह अभियान चलाया गया।
पिछले सप्ताह भी दो विशेष उड़ानों से 197 भारतीय नागरिक भारत लौट चुके हैं। इस प्रकार, अब तक करीब 1500 भारतीयों को इन खतरनाक ठगी केंद्रों से बचाया जा चुका है, जहां उन्हें फर्जी ऑनलाइन काम के नाम पर जबरन काम करवाया जाता था।
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भारतीय दूतावास ने जानकारी दी कि थाईलैंड के प्रधानमंत्री अनुतिन चर्नविराकुल ने स्वयं माई सोत का दौरा कर ऑपरेशन की निगरानी की, यह दिखाता है कि मामला कितना गंभीर था और दोनों देशों की सरकारें किस स्तर पर मिलकर काम कर रही हैं।
(IANS इनपुट के साथ)






