

Sharad Pawar News Update: भारतीय राजनीति के 'भीष्म पितामह' कहे जाने वाले शरद पवार ने आज अपने सार्वजनिक और संसदीय जीवन के 60 वर्ष पूरे कर लिए हैं। इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर न केवल उनके समर्थक, बल्कि राजनीतिक प्रतिद्वंदी भी उनकी लंबी और अविजित पारी का सम्मान कर रहे हैं। इस खास अवसर पर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (अजित पवार गुट) की नेता और उपमुख्यमंत्री अजित पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार ने सोशल मीडिया पर एक भावुक पोस्ट साझा की है। उन्होंने शरद पवार के शुरुआती राजनीतिक दिनों की एक पुरानी तस्वीर साझा करते हुए उनके छह दशकों के जनसेवा के सफर की सराहना की है।
सुनेत्रा पवार ने अपनी पोस्ट में लिखा कि 1967 में शुरू हुआ शरद पवार का यह सफर आज भी उसी ऊर्जा और निष्ठा के साथ जारी है। महाराष्ट्र विधानसभा से लेकर संसद भवन तक, उन्होंने हर जिम्मेदारी को बखूबी निभाया और जनता का अटूट विश्वास हासिल किया। पवार परिवार में राजनीतिक मतभेदों के बावजूद, सुनेत्रा पवार द्वारा दी गई यह शुभकामना सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी हुई है। उनके साथ ही सुप्रिया सुले और रोहित पवार ने भी 'पवार साहेब' के इस हीरक महोत्सवी वर्ष पर अपनी भावनाएं व्यक्त की हैं।
शरद पवार के संसदीय जीवन की शुरुआत 22 फरवरी 1967 को हुई थी, जब वे पहली बार बारामती विधानसभा क्षेत्र से चुनकर आए थे। तब से लेकर आज तक, उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। सुप्रिया सुळे ने अपनी पोस्ट में जानकारी दी कि पवार साहब 6 बार विधानसभा, 1 बार विधान परिषद, 7 बार लोकसभा और 2 बार राज्यसभा के सदस्य रहे हैं। छह दशकों का यह सफर भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में विरला ही देखने को मिलता है। उन्होंने रक्षा मंत्री, कृषि मंत्री और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री के रूप में देश और राज्य की राजनीति को नई दिशा दी।
सुनेत्रा पवार ने शरद पवार की एक दुर्लभ पुरानी तस्वीर साझा करते हुए उनके व्यक्तित्व की खासियत बताई। उन्होंने कहा कि पवार साहब की असली ताकत उनके कार्यकर्ता, सहयोगी और जनता का साथ है, जो हर उतार-चढ़ाव में उनके साथ खंभे की तरह खड़े रहे। सुनेत्रा ने आगे लिखा, "पवार साहब का मार्गदर्शन और प्रेरणा आने वाले समय में भी हम सभी को नई ऊर्जा देती रहे, यही मेरी शुभेच्छा है।" यह पोस्ट इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि हालिया राजनीतिक घटनाक्रमों के बाद पवार परिवार के बीच एक दूरी देखी गई थी, लेकिन ऐसे मौकों पर सम्मान का भाव परिवार की एकजुटता को दर्शाता है।
विधायक रोहित पवार ने भी उन्हें बधाई देते हुए कहा कि शरद पवार देश के एकमात्र ऐसे नेता हैं जिन्होंने अपनी संसदीय पारी के 60 साल पूरे किए हैं। उनकी सक्रियता आज के युवाओं और राजनेताओं के लिए एक मिसाल है। 85 वर्ष की आयु में भी उनकी राजनीतिक सूझबूझ और मैदान पर उतरकर काम करने की शैली अद्भुत है। कार्यकर्ताओं का मानना है कि 'पवार' सिर्फ एक नाम नहीं, बल्कि एक विचार है जिसने महाराष्ट्र की ग्रामीण अर्थव्यवस्था और सहकारिता आंदोलन को मजबूत किया है। आज पूरा महाराष्ट्र उनके इस 'हीरक महोत्सवी' योगदान को सलाम कर रहा है।