इंडो-पैसिफिक में INDIA का दबदबा, नौसेना प्रमुख ने US के NDU का किया दौरा

Indian Navy Chief US Visit: भारतीय नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के. त्रिपाठी ने अमेरिका की नेशनल डिफेंस यूनिवर्सिटी का दौरा किया। जहां सैन्य शिक्षा, रणनीतिक साझेदारी और भविष्य के सहयोग पर उच्च स्तरीय...
India's dominance in the Indo-Pacific, Navy Chief Admiral Dinesh K. Tripathi visits US NDU
नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के. त्रिपाठी ने US के NDU का दौरा किया, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
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India US Defence Cooperation: भारतीय नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के. त्रिपाठी इन दिनों अमेरिका की आधिकारिक यात्रा पर हैं, जहां उन्होंने वॉशिंगटन डीसी स्थित फोर्ट लेस्ली जे. मैकनेयर में बनी प्रतिष्ठित नेशनल डिफेंस यूनिवर्सिटी (NDU) का दौरा किया।

इस दौरान उनकी मुलाकात एनडीयू के प्रेसिडेंट वाइस एडमिरल पीटर ए. गार्विन से हुई। दोनों अधिकारियों के बीच रक्षा शिक्षा, रणनीतिक सहयोग और समुद्री साझेदारी जैसे विषयों पर गहन और सकारात्मक बातचीत हुई।

कई अहम मुद्दों पर सहमति

बैठक में सैन्य शिक्षा और प्रशिक्षण को मजबूत बनाने के लिए कई अहम मुद्दों पर सहमति बनी। सबसे पहले, दोनों देशों की सेनाओं के बीच प्रोफेशनल मिलिट्री एजुकेशन को नई ऊंचाई पर ले जाने की जरूरत पर जोर दिया गया। दूसरे, भारत और अमेरिका के उच्च स्तरीय सैन्य शिक्षण संस्थानों के बीच सीधे सहयोग, संयुक्त कार्यक्रमों और नियमित संपर्क को बढ़ाने पर चर्चा हुई।

एक्सचेंज प्रोग्राम शुरू करने पर विचार

तीसरे, अंतरराष्ट्रीय फेलो, प्रशिक्षक और सैन्य प्रोफेसरों के बीच एक्सचेंज प्रोग्राम शुरू करने पर विचार हुआ, ताकि दोनों देशों के रक्षा विशेषज्ञ साझा अनुभवों से सीख सकें। चौथा और सबसे प्रमुख मुद्दा इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में बढ़ते समुद्री हितों को देखते हुए भारत-अमेरिका रक्षा साझेदारी को और गहरा करना था।

तीन प्रमुख कॉलेजों का किया दौरा

दौरे के दौरान एडमिरल त्रिपाठी ने NDU के तीन प्रमुख कॉलेजों में आइजनहावर स्कूल फॉर नेशनल सिक्योरिटी एंड रिसोर्स स्ट्रैटेजी, नेशनल वॉर कॉलेज और कॉलेज ऑफ इंफॉर्मेशन एंड साइबरस्पेस का भी भ्रमण किया। यहां पढ़ाई कर रहे भारतीय नौसेना अधिकारियों से उन्होंने बातचीत की और उनके अनुभवों को जाना। अधिकारियों ने बताया कि एनडीयू का पाठ्यक्रम विश्वस्तरीय है और इससे उनकी रणनीतिक सोच, नेतृत्व क्षमता और आधुनिक युद्धकौशल समझ में काफी बढ़ोतरी होती है। सीएनएस एडमिरल त्रिपाठी ने अधिकारियों को उत्कृष्ट प्रदर्शन जारी रखने और देश के लिए श्रेष्ठ योगदान देने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि ऐसे अंतरराष्ट्रीय प्रशिक्षण कार्यक्रम भविष्य की समुद्री चुनौतियों का सामना करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

भारत-अमेरिका रक्षा संबंधों को नई गति

विशेषज्ञों का मानना है कि यह यात्रा भारत-अमेरिका रक्षा संबंधों को नई गति देगी। दोनों देश इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा, स्वतंत्र नौवहन और क्षेत्रीय स्थिरता को बढ़ावा देने के लिए पहले से ही नजदीकी सहयोग कर रहे हैं। उच्च स्तरीय वार्ताएं और शैक्षणिक आदान-प्रदान दोनों नौसेनाओं के बीच विश्वास और इंटरऑपरेबिलिटी को मजबूत बनाते हैं, जो भविष्य में संयुक्त अभियानों के लिए बेहद उपयोगी साबित होंगे।

भारतीय नौसेना के प्रवक्ता ने कहा कि ऐसे दौरों से आपसी समझ बढ़ती है और दोनों देशों की कार्यप्रणाली को करीब से जानने का अवसर मिलता है, जिससे आने वाले समय में सहयोग और अधिक सुगम और प्रभावी हो जाता है।

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