थर-थर कांपेगा पाकिस्तान! पुतिन भारत को देने जा रहे सबसे खतरनाक लड़ाकू विमान, रिपोर्ट ने बढ़ाई हलचल

India Russia Defence Deal: रूस ने भारत को अपने पांचवीं पीढ़ी के Su-57 स्टील्थ लड़ाकू विमान की तकनीक ट्रांसफर की पेशकश की है। पुतिन की भारत यात्रा से पहले यह रक्षा सहयोग बड़ा संकेत माना जा रहा है।
Pakistan will be shaken! Putin is planning to gift India its deadliest fighter jet, a report that has sparked a stir.
पुतिन भारत को देने जा रहे ‘सबसे घातक’ फाइटर जेट, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
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Defence News In Hindi: रूस ने कथित तौर भारत को अपने पांचवीं पीढ़ी वाले Su-57 स्टील्थ लड़ाकू विमान की तकनीक देने की पेशकश की है। माना जा रहा है कि दिसंबर में होने वाली पीएम नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की बैठक में रक्षा सहयोग मुख्य मुद्दों में से एक होगा।

यूक्रेन युद्ध को लेकर पश्चिमी देशों के दबाव के बावजूद भारत और रूस के सैन्य रिश्ते लगातार मजबूत बने हुए हैं। कहा जा रहा है कि Su-57 की यह संभावित तकनीक भारत की वायुसेना की ताकत को बड़ा बदलाव दे सकती है।

Su-57 को लेकर चर्चा क्यों हो रही है?

Su-57 रूस का आधुनिक, पांचवीं पीढ़ी का स्टील्थ लड़ाकू विमान है। कई विशेषज्ञ इसे अमेरिका के F-22 और F-35 विमानों के बराबर मानते हैं। इसका एक्सपोर्ट वर्ज़न Su-57E इस हफ्ते दुबई एयरशो 2025 में पहली बार लाइव उड़ान प्रदर्शन के दौरान खूब चर्चा में रहा।

यह दो इंजन वाला फाइटर जेट है, जिसकी खासियत है बेहद तेज उड़ान, आधुनिक तकनीक, रडार से बचने की क्षमता और मुश्किल स्थितियों में भी तेजी से दिशा बदलने की शक्ति। यह लगभग मैक 2 की रफ्तार तक उड़ सकता है। एयर शो के दौरान Su-57E ने अपना आंतरिक हथियार कम्पार्टमेंट भी दिखाया, जिसमें Kh-58 एंटी-रेडिएशन मिसाइल और R-74M2 हवा-से-हवा मिसाइल जैसे हथियारों के मॉडल रखे गए थे।

UAC के मुख्य टेस्ट पायलट सर्गेई बोगदान के अनुसार, इसके AL-51F-1 इंजन 2D थ्रस्ट-वेक्टरिंग तकनीक से लैस हैं, जो जेट को ऐसे कठिन स्टंट करने की क्षमता देते हैं, जैसे लगभग रुकी हुई गति पर घूम जाना या बेहद तेज कोण पर खतरनाक युद्धाभ्यास करना।

भारत के लिए Su-57 क्यों महत्वपूर्ण है?

भारत अपना खुद का पांचवीं पीढ़ी का स्टील्थ विमान AMCA बनाने में जुटा है। लेकिन फिलहाल भारतीय वायुसेना के पास 42 स्क्वाड्रन की जगह सिर्फ 29 स्क्वाड्रन ही हैं, जिससे उसकी क्षमता कम हो जाती है।

IAF चीफ एपी सिंह पहले कह चुके हैं कि अगले 20 सालों तक हर साल 35–40 नए लड़ाकू विमान चाहिए ताकि यह कमी पूरी हो सके। यह लक्ष्य भारत के 2047 रक्षा आधुनिकीकरण प्लान का भी अहम हिस्सा है।

ऐसे समय में रूस की Su-57 तकनीक की पेशकश भारत के लिए काफी मायने रखती है। अगर सौदा आगे बढ़ा, तो भारत को न सिर्फ उन्नत लड़ाकू विमान तकनीक मिलेगी, बल्कि अपने घरेलू AMCA प्रोजेक्ट को भी बड़ा तकनीकी फायदा हो सकता है। इससे वायुसेना की ताकत भी तुरंत बढ़ेगी और भविष्य के स्वदेशी विमान भी ज्यादा मजबूत बनेंगे।

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