भारत-बांग्लादेश तनाव के बीच, तारिक रहमान से मिले भारतीय उच्चायुक्त; चुनाव से पहले बढ़ी हलचल
Bangladesh India Relations:बांग्लादेश में बढ़ते तनाव के बीच भारतीय उच्चायुक्त प्रणय वर्मा ने BNP के नए अध्यक्ष तारिक रहमान से मुलाकात की है। 40 मिनट चली इस बैठक को कूटनीतिक रूप से काफी अहम माना जा रहा।
- Written By: अमन उपाध्याय
प्रणय वर्मा और तारिक रहमान, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
Pranay Verma Tarique Rahman Meeting: बांग्लादेश में जारी राजनीतिक अस्थिरता और भारत के साथ बढ़ते तनाव के बीच एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक मुलाकात हुई है। भारतीय उच्चायुक्त प्रणय वर्मा ने शनिवार को बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) के नवनियुक्त अध्यक्ष तारिक रहमान से मुलाकात की। यह बैठक ढाका में करीब 40 मिनट तक चली, जिसे बीएनपी के मीडिया प्रकोष्ठ ने एक ‘शिष्टाचार भेंट’ करार दिया है।
17 साल बाद वापसी और पार्टी की कमान
तारिक रहमान, जो पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के बेटे हैं वह 17 सालों तक लंदन में स्वनिर्वासन में रहने के बाद पिछले साल 25 दिसंबर को स्वदेश लौटे थे। वे 2018 से पार्टी के कार्यवाहक अध्यक्ष के रूप में काम कर रहे थे लेकिन अपनी मां के निधन के 10 दिन बाद शुक्रवार को उन्हें औपचारिक रूप से पार्टी प्रमुख चुन लिया गया।
चुनावी समीकरण और भारत-पाकिस्तान की सक्रियता
बता दें कि बांग्लादेश में 12 फरवरी को आम चुनाव होने वाले हैं और सबसे अधिक दिलचस्प बात यह है कि तारिक रहमान के अध्यक्ष बनने से कुछ घंटे पहले ही पाकिस्तान के उच्चायुक्त इमरान हैदर ने भी उनसे मुलाकात की थी। अब भारत की इस सक्रियता को क्षेत्र में अपने हितों की रक्षा और बदलती सत्ता के साथ तालमेल बिठाने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।
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अवामी लीग का सूपड़ा साफ?
5 अगस्त, 2024 को छात्रों के नेतृत्व में हुए हिंसक प्रदर्शनों के बाद शेख हसीना की अवामी लीग सरकार गिर गई थी। इसके बाद मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार ने अवामी लीग को देश में पूरी तरह से भंग कर दिया और उसे चुनाव लड़ने से रोक दिया है। वर्तमान स्थिति में बीएनपी देश के सबसे बड़े दल के रूप में उभरी है जबकि उसकी पूर्व सहयोगी रही जमात-ए-इस्लामी अब मुख्य प्रतिद्वंद्वी के रूप में सामने खड़ी है।
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तनावपूर्ण माहौल में शिष्टाचार भेंट
यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है जब भारत और बांग्लादेश के बीच संबंधों में काफी कड़वाहट देखी जा रही है। जानकारों का मानना है कि 12 फरवरी के चुनावों के बाद यदि बीएनपी सत्ता में आती है, तो तारिक रहमान देश के सबसे शक्तिशाली व्यक्ति होंगे। ऐसे में भारत का यह कदम भविष्य के रिश्तों की नींव रखने जैसा है।
