धधक रहा तेहरान! ईरान में 'आजादी' की जंग हुई तेज, क्राउन प्रिंस ने दिया 'शहरों पर कब्जे' का आदेश

Iran Protest: ईरान में खामेनेई के खिलाफ प्रदर्शन तेज होता जा रहा है। निर्वासित क्राउन प्रिंस रेजा पहलवी ने अब प्रदर्शनकारियों से शहरों के मुख्य केंद्रों पर कब्जा करने और देशव्यापी हड़ताल की अपील की है।
Tehran is ablaze! The fight for 'freedom' intensifies in Iran, and the Crown Prince has given the order to 'capture cities'.
रेजा पहलवी, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
Published on
Updated on

Iran Latest News in Hindi: ईरान में इस्लामिक सत्ता के खिलाफ जारी सरकार विरोधी आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। शनिवार, 10 जनवरी 2026 को यह प्रदर्शन अपने 13वें दिन में प्रवेश कर गया। सरकार द्वारा लागू किए गए लगभग पूर्ण इंटरनेट ब्लैकआउट और सुरक्षा बलों की सख्ती के बावजूद, आंदोलन का दायरा कम होने के बजाय और बढ़ता जा रहा है।

शहरों पर कब्जे और हड़ताल की अपील

ईरान के निर्वासित क्राउन प्रिंस रेजा पहलवी ने आंदोलन को नई दिशा देने के लिए एक बड़ा बयान जारी किया है। उन्होंने प्रदर्शनकारियों से कहा है कि अब लक्ष्य सिर्फ सड़कों पर उतरना नहीं बल्कि शहरों के प्रमुख केंद्रों पर कब्जा करना और उन्हें अपने नियंत्रण में रखना होना चाहिए। पहलवी ने खासतौर पर अर्थव्यवस्था की रीढ़ माने जाने वाले तेल, गैस, ऊर्जा और परिवहन सेक्टर के कर्मचारियों से देशव्यापी हड़ताल पर जाने की अपील की है, ताकि शासन पर सीधा आर्थिक दबाव बनाया जा सके।

सैकड़ों मौतों से दहला ईरान

मैदान-ए-जंग बन चुके ईरान में मौतों का आंकड़ा बढ़ता जा रहा है। रिपोर्ट्स के अनुसार, अकेले तेहरान के छह अस्पतालों में 217 लोगों की मौत दर्ज की गई है।, हालांकि, कुछ अन्य रिपोर्ट्स में मृतकों की संख्या कम से कम 65 बताई जा रही है, जिनमें 50 प्रदर्शनकारी और 15 सुरक्षाकर्मी शामिल हैं। देशभर के 180 शहरों में अब तक 2,300 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

'तानाशाह मुर्दाबाद' के नारों से गूंजा देश

यह आंदोलन अब देश के 26 प्रांतों के कम से कम 222 स्थानों तक फैल चुका है। प्रदर्शनकारी 'तानाशाह मुर्दाबाद' और 1979 की क्रांति से पहले की राजशाही को याद करते हुए 'जाविद शाह' (शाह अमर रहें) जैसे नारे लगा रहे हैं। मशहद जैसे शहरों में सार्वजनिक स्थानों से वर्तमान ईरानी झंडा हटाए जाने की खबरें भी आई हैं। लोग अब सीधे सत्ता को चुनौती देते हुए कह रहे हैं 'न गाजा, न लेबनान, ईरान के लिए मेरी जान'।

अंतरराष्ट्रीय हस्तक्षेप की मांग

रेजा पहलवी ने इस संकटपूर्ण घड़ी में अंतरराष्ट्रीय समुदाय से समर्थन मांगा है और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से सीधे हस्तक्षेप की अपील की है। दूसरी ओर, सर्वोच्च नेता खामेनेई ने बाहरी दबाव को खारिज करते हुए इसे 'घमंडी शासकों' की साजिश बताया है और चेतावनी दी है कि इतिहास में ऐसे शासकों का अंजाम हमेशा पतन ही रहा है।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com