US-Iran जंग के खौफ से कांपा कुवैत! सुरक्षा के लिए थाम रहा पाकिस्तान का हाथ, सऊदी अरब जैसी डिफेंस डील की तैयारी
Pakistan-Kuwait Relations: मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच पाकिस्तान और कुवैत ने सऊदी अरब की तर्ज पर व्यापक रक्षा सहयोग, एयर डिफेंस और ऊर्जा सुरक्षा को लेकर प्रारंभिक बातचीत शुरू की है।
- Written By: अक्षय साहू
कुवैत और पाकिस्तान रक्षा सहयोग को लेकर चर्चा तेज (AI जेनरेटेड इमेज)
Pakistan-Kuwait Defense Cooperation: पाकिस्तान और कुवैत ने रक्षा सहयोग, ऊर्जा सुरक्षा और निवेश बढ़ाने को लेकर शुरुआती स्तर की बातचीत शुरू की है। कुवैत पाकिस्तान के साथ ऐसा व्यापक रक्षा सहयोग विकसित करना चाहता है, जैसा पाकिस्तान और सऊदी अरब के बीच लंबे समय से चला आ रहा है। हालांकि, दोनों देशों ने साफ किया है कि अभी केवल प्रारंभिक चर्चा हो रही है और किसी समझौते पर अंतिम फैसला नहीं हुआ है।
दोनों देशों के बीच जिन चीजों को लेकर चर्चा चल रही है, उनमें सैन्य प्रशिक्षण, रक्षा तकनीक, एयर डिफेंस सिस्टम, ड्रोन और लड़ाकू विमानों से जुड़े सहयोग शामिल हैं। साथ ही, कुवैत में पाकिस्तानी सैन्य विशेषज्ञों की संभावित तैनाती पर भी विचार किया जा रहा है। हालांकि, पाकिस्तान ने उन खबरों को गलत बताया है जिनमें कहा गया था कि वह कुवैत में लड़ाकू सैनिक भेजने की तैयारी कर रहा है। अधिकारियों ने कहा कि ऐसा कोई फैसला नहीं हुआ।
ईरान-अमेरिका युद्ध ने बढ़ाई चिंता
यह बातचीत ऐसे समय में हो रही है जब मिडिल ईस्ट का सुरक्षा माहौल तेजी से बदल रहा है। हाल के महीनों में ईरान और अमेरिका के बीच बढ़े तनाव और क्षेत्र में हुई सैन्य घटनाओं ने खाड़ी देशों की चिंताएं बढ़ा दी हैं। ऐसे हालात में कुवैत अपनी सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करना चाहता है। पाकिस्तान पहले से सऊदी अरब के साथ रक्षा और सैन्य प्रशिक्षण में सहयोग करता रहा है, इसलिए उसे भरोसेमंद साझेदार माना जाता है।
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रक्षा सहयोग के साथ-साथ दोनों देश ऊर्जा और आर्थिक संबंधों को भी मजबूत करना चाहते हैं। पाकिस्तान चाहता है कि कुवैत से ऊर्जा आपूर्ति अधिक स्थिर हो और वहां से ज्यादा निवेश मिले। दूसरी ओर, कुवैत पाकिस्तान में ईंधन भंडारण सुविधाएं विकसित करने की संभावनाएं देख रहा है। यदि यह योजना आगे बढ़ती है, तो दोनों देशों के बीच पहले से चल रही सरकारी डीजल आपूर्ति व्यवस्था भी और मजबूत हो सकती है।
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तुर्की, पाकिस्तान और सऊदी अरब के बीच चर्चा जारी
विशेषज्ञों का मानना है कि इन वार्ताओं के नतीजों पर अभी कुछ कहना जल्दबाजी होगी, क्योंकि मिडिल ईस्ट की बदलती राजनीतिक और सुरक्षा स्थिति इसका असर तय करेगी। रिपोर्ट के अनुसार, तुर्की, पाकिस्तान और सऊदी अरब के बीच संभावित त्रिपक्षीय रक्षा सहयोग पर भी चर्चा जारी है। वहीं, बहरीन रक्षा साझेदारी बढ़ाने और जॉर्डन हथियारों की खरीद तथा सैन्य प्रशिक्षण में सहयोग बढ़ाने की इच्छा जता चुका है। यदि ये योजनाएं आगे बढ़ती हैं, तो खाड़ी क्षेत्र में पाकिस्तान की रणनीतिक भूमिका और मजबूत हो सकती है।
