द्रौपदी मुर्मू का मोल्दोवा और रोमानिया दौरा क्यों है खास? PM मोदी के ‘3T’ फॉर्मूले से बदलेगा पूरा गेम
President Droupadi Murmu: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 19 से 25 जुलाई 2026 तक मोल्दोवा, उत्तर मैसिडोनिया और रोमानिया की ऐतिहासिक राजकीय यात्रा पर रहेंगी, जिससे व्यापार और तकनीकी सहयोग को मजबूती मिलेगी।
- Written By: अक्षय साहू
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू (सोर्स- सोशल मीडिया)
President Droupadi Murmu Europe Visit: भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 19 से 25 जुलाई 2026 तक मोल्दोवा, उत्तर मैसिडोनिया और रोमानिया की राजकीय यात्रा पर जाएंगी। इस दौरे का मकसद यूरोप के इन देशों के साथ भारत के राजनीतिक, आर्थिक, व्यापारिक और तकनीकी संबंधों को मजबूत करना है। इस बात की जानकारी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने दी।
रणधीर जायसवाल ने विशेष प्रेस ब्रीफिंग में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की यूरोपीय देशों की यात्रा के दौरान होने वाले कार्यक्रमों पर बात की। इस दौरान सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज, राष्ट्रपति की प्रेस सचिव डॉ. मनीषा वर्मा और विदेश मंत्रालय में दक्षिणी यूरोप क्षेत्र की संयुक्त सचिव अल्पना दुबे भी मौजूद रहीं।
तीन देशों की यात्रा करेंगी राष्ट्रपति
सिबी जॉर्ज ने बताया कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की 19 से 25 जुलाई 2026 तक होने वाली मोल्दोवा, उत्तर मैसिडोनिया और रोमानिया की राजकीय यात्रा तीनों देशों के राष्ट्रपतियों के निमंत्रण पर हो रही है। उन्होंने बताया कि यह दौरा ऐतिहासिक रूप से बहुत महत्वपूर्ण है, क्योंकि पहली बार भारत के किसी राष्ट्रपति की मोल्दोवा और उत्तर मैसिडोनिया की द्विपक्षीय यात्रा हो रही है। वहीं, रोमानिया की बात करें तो किसी भारतीय राष्ट्रपति की यह 30 साल से भी ज्यादा समय बाद पहली राजकीय यात्रा होगी। इससे पहले ऐसी यात्रा 1994 में हुई थी।
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जॉर्ज ने कहा कि इन तीन देशों की यात्रा यह दिखाती है कि भारत अब मध्य और पूर्वी यूरोप के देशों के साथ अपने रिश्तों को और मजबूत करने पर लगातार ध्यान दे रहा है। साथ ही, यह यूरोप और यूरोपीय संघ के साथ भारत की व्यापक साझेदारी को भी आगे बढ़ाने की दिशा में एक अहम कदम है। यह दौरा यूरोप के साथ भारत के रिश्तों को हरा करने और तीन ‘टी’ ट्रेड, टेक्नोलॉजी और टूरिज्म के क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।
पहली बार किसी भारतीय राष्ट्रपति का मोल्दोवा दौरा
सचिव (पश्चिम) ने बताया कि भारत और मोल्दोवा के बीच राजनयिक संबंध स्थापित होने के बाद यह किसी भारतीय राष्ट्रपति की मोल्दोवा की पहली यात्रा होगी। मोल्दोवा ने 2023 में नई दिल्ली में अपना दूतावास खोला था। इसलिए यह यात्रा ऐतिहासिक और राजनीतिक रूप से काफी महत्वपूर्ण है और यह दिखाती है कि भारत पूर्वी यूरोप के साथ अपने संबंधों को लगातार मजबूत कर रहा है।
इस यात्रा के दौरान राष्ट्रपति मुर्मू मोल्दोवा के राष्ट्रपति के साथ द्विपक्षीय और प्रतिनिधिमंडल स्तर की बातचीत करेंगी। मोल्दोवा के राष्ट्रपति उनके सम्मान में एक रात्रिभोज का भी आयोजन करेंगे। उन्होंने बताया कि राष्ट्रपति मुर्मू मोल्दोवा के प्रधानमंत्री और संसद के अध्यक्ष से मुलाकात करेंगी। वह वहां के संसदीय मैत्री समूह के सदस्यों से भी मिलेंगी। इसके अलावा, वह व्यापार जगत के प्रतिनिधियों और भारतीय समुदाय के लोगों से बातचीत करेंगी। राष्ट्रपति मुर्मू मोल्दोवा के राष्ट्रपति के साथ एक व्यापार मंच को भी संबोधित करेंगी।
दोनों देशों के बीच संबंधों को मजबूती
उन्होंने बताया कि यह यात्रा दोनों देशों के बीच संबंधों की पूरी समीक्षा करने और व्यापार व निवेश, डिजिटल तकनीक, नवाचार, नवीकरणीय ऊर्जा, स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, संस्कृति और संपर्क जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने का अवसर देगी। इसका उद्देश्य केवल राजनीतिक संबंधों तक सीमित न रहकर एक व्यापक साझेदारी को आगे बढ़ाना है।
ऐतिहासिक होगी मैसेडोनिया की यात्रा
सिबी जॉर्ज ने राष्ट्रपति मुर्मू की उत्तर मैसेडोनिया की यात्रा के बारे में बताते हुए कहा कि यह यात्रा भी ऐतिहासिक होगी, क्योंकि यह किसी भारतीय राष्ट्रपति की उस देश की पहली द्विपक्षीय यात्रा है। उत्तर मैसेडोनिया की ओर से वहां के प्रधानमंत्री 2012 में भारत आए थे और फिर जनवरी 2015 में गांधीनगर में आयोजित वाइब्रेंट गुजरात शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए भारत आए थे। इस दौरान उन्होंने हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी मुलाकात की थी। उत्तर मैसेडोनिया ने 2008 में नई दिल्ली में अपना दूतावास खोला था।
जॉर्ज ने बताया कि यात्रा के दौरान राष्ट्रपति मुर्मू उत्तर मैसेडोनिया के राष्ट्रपति के साथ द्विपक्षीय और प्रतिनिधिमंडल स्तर की बातचीत करेंगी। उत्तर मैसेडोनिया के राष्ट्रपति उनके सम्मान में एक रात्रिभोज का आयोजन भी करेंगे। राष्ट्रपति उत्तर मैसेडोनिया के प्रधानमंत्री और संसद के अध्यक्ष से मुलाकात करेंगी। वह वहां के व्यापार प्रतिनिधियों और भारतीय समुदाय के लोगों से भी बातचीत करेंगी। राष्ट्रपति उत्तर मैसेडोनिया के प्रधानमंत्री के साथ एक व्यापार मंच को संबोधित करेंगी।
30 साल पहले राष्ट्रपति शंकर दयाल शर्मा गए थे रोमानिया
राष्ट्रपति मुर्मू की रोमानिया की राजकीय यात्रा की जानकारी देते हुए सिबी जॉर्ज ने बताया कि रोमानिया की यात्रा लगभग तीन दशक बाद राष्ट्रपति स्तर की यात्रा होगी। इससे पहले 1994 में भारत के तत्कालीन राष्ट्रपति शंकर दयाल शर्मा ने रोमानिया की यात्रा की थी। उससे पहले राष्ट्रपति डॉ. एस राधाकृष्णन और राष्ट्रपति वीवी गिरि भी बुखारेस्ट की यात्रा कर चुके हैं।
उन्होंने बताया कि इस यात्रा के दौरान राष्ट्रपति रोमानिया के राष्ट्रपति के साथ द्विपक्षीय और प्रतिनिधिमंडल स्तर की बातचीत करेंगी। रोमानिया के राष्ट्रपति उनके सम्मान में एक रात्रिभोज का भी आयोजन करेंगे। राष्ट्रपति रोमानिया के प्रधानमंत्री, सीनेट के अध्यक्ष और चैंबर ऑफ डेप्युटीज के अध्यक्ष से मुलाकात करेंगी। इस दौरान राष्ट्रपति मुर्मू रोमानिया के राष्ट्रपति के साथ एक व्यापार मंच को संबोधित करेंगी और व्यापार जगत के प्रतिनिधियों और भारतीय समुदाय के लोगों से भी बातचीत करेंगी।
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रोमानिया के साथ भारत के दोस्ताना रिश्ते
उन्होंने बताया कि भारत और रोमानिया के बीच लंबे समय से दोस्ताना संबंध हैं, जो आपसी सम्मान, लोकतांत्रिक मूल्यों और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर नियमित सहयोग पर आधारित हैं। दोनों देशों के बीच राजनीतिक संपर्क लगातार बना हुआ है। यूक्रेन संकट के दौरान भारतीय छात्रों को सुरक्षित निकालने में रोमानिया ने भी महत्वपूर्ण मदद की थी। दोनों देशों के बीच व्यापार लगातार आगे बढ़ रहा है और 2025 में यह लगभग 1.3 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया। आर्थिक संबंध भी तेजी से बढ़ रहे हैं। भारतीय कंपनियां आईटी, ऑटोमोबाइल पार्ट्स, स्टील, फार्मास्यूटिकल्स, नवीकरणीय ऊर्जा और विनिर्माण जैसे क्षेत्रों में सक्रिय हैं।
