
अबू धाबी में रूस और यूक्रेन के बीच शांति वार्ता (सोर्स-सोशल मीडिया)
Russia Ukraine War Peace 2026: संयुक्त अरब अमीरात की राजधानी अबू धाबी में रूस और यूक्रेन के बीच जंग को खत्म करने के लिए महा-मंथन चल रहा है। इस त्रिपक्षीय बैठक में अमेरिकी मध्यस्थ भी शामिल हैं जो रूस यूक्रेन युद्ध शांति की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। हालांकि चार साल से चल रहे इस भीषण युद्ध को रोकने के लिए क्षेत्रीय विवाद अब भी सबसे बड़ी बाधा बने हुए हैं। फिलहाल वार्ताकारों के बीच किसी भी ठोस समझौते को लेकर स्पष्ट संकेत नहीं मिले हैं जिससे दुनिया में चिंता बढ़ गई है।
अबू धाबी में शुक्रवार को शुरू हुई यह बैठक शनिवार सुबह तक चलने की उम्मीद जताई जा रही है जिसमें क्षेत्रीय मुद्दे प्राथमिकता पर हैं। यूक्रेन और रूस के वार्ताकारों ने जंग रोकने के लिए लंबी चर्चा की लेकिन शुरुआती नतीजे बहुत उत्साहजनक नहीं दिखाई दे रहे हैं। दोनों देशों के बीच किसी भी बड़े समझौते पर सहमति नहीं बन पाई है क्योंकि दोनों पक्ष अपने स्टैंड पर अड़े हुए हैं।
रूस यूक्रेन शांति वार्ता ऐसे समय में हो रही है जब यूक्रेन भीषण ठंड और गंभीर ऊर्जा संकट का सामना कर रहा है जिससे आम जनजीवन प्रभावित है। रूस द्वारा ऊर्जा प्रणालियों पर किए गए हमलों के कारण कीव जैसे बड़े शहरों में बिजली बाधित है और तापमान शून्य से नीचे गिर गया है। अमेरिका की ओर से भी यूक्रेन पर युद्ध समाप्त करने के लिए दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है ताकि शांति बहाल हो सके।
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की मांग है कि यूक्रेन डोनबास के डोनेत्स्क क्षेत्र का वह 20 प्रतिशत हिस्सा भी सौंप दे जो अभी उसके कब्जे में है। यह विवादित क्षेत्र लगभग 5,000 वर्ग किलोमीटर का है जिसे पुतिन किसी भी कीमत पर हासिल करना चाहते हैं ताकि जंग रुक सके। यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने साफ कर दिया है कि वह उन इलाकों को नहीं छोड़ेंगे जो रूस चार साल में नहीं जीत सका है।
राष्ट्रपति जेलेंस्की ने दावोस में बताया था कि अबू धाबी की यह बैठक युद्ध शुरू होने के बाद पहली ऐसी त्रिपक्षीय बैठक है। इसमें यूक्रेन और रूस के प्रतिनिधियों के साथ अमेरिकी मध्यस्थ भी शामिल होकर समाधान निकालने की कोशिश कर रहे हैं जो एक बड़ा बदलाव है। इससे पहले 2022 में इस्तांबुल में आमने-सामने की बैठक हुई थी और अब अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजरें इस वार्ता के नतीजों पर टिकी हैं।
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रूस की कड़ी शर्तों और यूक्रेन के दृढ़ संकल्प के बीच शांति का रास्ता फिलहाल काफी मुश्किल और चुनौतियों भरा नजर आ रहा है। ट्रंप के दूत ने भी पुतिन से क्रेमलिन में मुलाकात की है ताकि कूटनीतिक स्तर पर बातचीत को आगे बढ़ाकर युद्ध विराम की दिशा में बढ़ा जा सके। अगर दोनों देशों के बीच विवादित क्षेत्रों पर कोई सहमति नहीं बनती है तो युद्ध के और लंबा खिंचने की पूरी आशंका है।
Ans: इसका मुख्य उद्देश्य रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध को रोकने के लिए क्षेत्रीय विवादों पर चर्चा करना और समझौता करना है।
Ans: पुतिन की मांग है कि यूक्रेन डोनेत्स्क क्षेत्र का वह 20 प्रतिशत हिस्सा (लगभग 5,000 वर्ग किमी) रूस को सौंप दे जो अभी यूक्रेन के नियंत्रण में है।
Ans: यूक्रेन भीषण ठंड में ऊर्जा प्रणालियों पर हमलों के कारण गंभीर बिजली और ऊर्जा संकट का सामना कर रहा है।
Ans: क्योंकि यह युद्ध शुरू होने के बाद पहली ऐसी त्रिपक्षीय बैठक है जिसमें रूस और यूक्रेन के साथ अमेरिकी मध्यस्थ भी शामिल हैं।
Ans: अभी तक किसी समझौते के संकेत नहीं मिले हैं क्योंकि राष्ट्रपति जेलेंस्की विवादित क्षेत्रों को रूस के हवाले करने से इनकार कर रहे हैं।






