इजरायल की ईरान को विनाशकारी धमकी, ट्रंप के 'पीस बोर्ड' में पाकिस्तान की एंट्री पर भी अड़ाई टांग

Israel Iran Tension: इजरायली मंत्री ने ईरान को सात गुना शक्तिशाली हमले की धमकी दी है। उन्होंने गाजा शांति योजना के लिए डोनाल्ड ट्रंप के 'बोर्ड ऑफ पीस' में पाकिस्तान की भागीदारी का भी कड़ा विरोध किया।
Israel issues a devastating threat to Iran, and also throws a wrench in the works regarding Pakistan's entry into Trump's 'peace board'.
इजरायल की ईरान को विनाशकारी धमकी, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
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Donald Trump Board of Peace: मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच इजरायल ने ईरान और उसके समर्थकों को अब तक की सबसे कड़ी चेतावनी दी है। इजरायल के अर्थव्यवस्था मंत्री निर बरकात ने स्पष्ट किया है कि यदि ईरान ने दोबारा हमला करने की हिमाकत की तो इजरायल उसे सात गुना ज्यादा ताकत से जवाब देगा।

दावोस में आयोजित वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के दौरान एक विशेष साक्षात्कार में बरकात ने कहा कि हालिया सैन्य कार्रवाइयों ने ईरान की सैन्य शक्ति के खोखलेपन को दुनिया के सामने उजागर कर दिया है।

ईरान को दी विनाशकारी चेतावनी

निर बरकात के अनुसार, इजरायल ने पहले ही ईरान को भारी नुकसान पहुंचाया है और उसे बुरी तरह अपंग कर दिया है। उन्होंने दावा किया कि ईरान उतना शक्तिशाली नहीं है जितना वह खुद को प्रचारित करता था। बरकात ने सीधे शब्दों में कहा कि हमने एक बार ईरान को हराया है लेकिन अगर उसने फिर से लड़ाई छेड़ी तो हमारा प्रहार पहले के मुकाबले सात गुना अधिक जोरदार होगा। उन्होंने ईरान को पूरे पश्चिम एशिया को अस्थिर करने वाला 'बुराई की धुरी' का सरगना करार दिया।

गाजा में पाकिस्तान की भूमिका

इजरायली मंत्री ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रस्तावित 'बोर्ड ऑफ पीस' में पाकिस्तान के शामिल होने की खबरों पर कड़ा ऐतराज जताया है। बरकात ने स्पष्ट किया कि जिस किसी देश ने आतंकवाद का प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष समर्थन किया है, उसका गाजा के भविष्य या किसी भी अंतरराष्ट्रीय शांति बल में कोई स्थान नहीं होना चाहिए। इस श्रेणी में उन्होंने न केवल पाकिस्तान बल्कि कतर और तुर्की का नाम भी लिया और कहा कि इजरायल इन देशों पर जमीन पर सैनिक तैनात करने के मामले में बिल्कुल भरोसा नहीं करेगा।

ट्रंप के शांति ढांचे का समर्थन

निर बरकात ने डोनाल्ड ट्रंप के शांति प्रस्तावों की जमकर तारीफ की। उन्होंने इसे संयुक्त राष्ट्र से कहीं बेहतर विकल्प बताया जिसे वे इजरायल के खिलाफ पक्षपाती मानते हैं। बरकात ने कहा कि इजरायल का लक्ष्य ईरान में सत्ता परिवर्तन करना नहीं बल्कि अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करना है। उन्होंने फिलीस्तीन के मुद्दे पर 'दो-राष्ट्र समाधान' को पूरी तरह से खारिज करते हुए इसे नॉन-स्टार्टर बताया।

उनके अनुसार, इजरायली संसद में इस समाधान का कोई समर्थन नहीं है क्योंकि फिलीस्तीनी प्राधिकरण केवल इजरायल को नष्ट करने के लिए राज्य चाहता है।

भविष्य की रणनीति

इजरायल अब गाजा के भविष्य के लिए हेब्रोन मॉडल पर विचार कर रहा है जहां स्थानीय अरब नेता और शेख अब्राहम समझौते के तहत आतंक के खिलाफ इजरायल के साथ सहयोग करने को तैयार हैं। मंत्री ने संदेश दिया कि इजरायल अपने दुश्मनों को दोस्त बनाने के लिए तैयार है बशर्ते वे शांति का रास्ता चुनें अन्यथा किसी भी उकसावे की भारी कीमत चुकानी होगी।

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