गाजा पर इजरायल का भीषण हमला, सीजफायर समझौते के बाद IDF ने की बमबारी, 30 लोगों की मौत

Israel Gaza Strike: इजरायल ने युद्धविराम समझौते पर सहमति जताई, लेकिन इसके बावजूद गाजा में हवाई हमले जारी रहे। इन हमलों में 30 फिलिस्तीनी लोगों की मौत हुई।
idf gaza airstrike after trump ceasefire deal
गाजा पर इजरायल का भीषण हमला, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
Published on
Updated on

Israel Gaza Attack: गुरुवार रात इजरायली सेना ने गाजा शहर में एक बड़ा हवाई हमला किया। यह हमला उस समय हुआ जब इजरायल की कैबिनेट अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की गाजा योजना पर मतदान करने के लिए एकत्र हुई थी, जिसका उद्देश्य गाजा युद्ध को स्थायी रूप से समाप्त करना था।

अमेरिकी मीडिया चैनल CNN ने हमास की सुरक्षा एजेंसी के हवाले से बताया कि गाजा सिटी के सबरा इलाके में हुए हमले में एक इमारत गिर गई, और उसके मलबे में लगभग 40 लोग दब गए। इजरायल की सेना ने इस हमले की पुष्टि की है।

40 से अधिक लोग मलबे के नीचे फंसे

नागरिक सुरक्षा विभाग ने बताया कि एक इमारत से चार शव निकाले गए हैं, जबकि अभी भी 40 से अधिक लोग मलबे के नीचे फंसे हुए हैं। अल-शिफा अस्पताल के निदेशक मोहम्मद अबू सलमिया के अनुसार, इजरायली हमलों में बुधवार की शाम तक 30 फिलिस्तीनी मौत के घाट उतर चुके हैं। वहीं, आईडीएफ ने एक बयान जारी करते हुए कहा कि उसने हमास के आतंकवादियों के एक समूह को निशाना बनाया, जो इजरायली सैनिकों के पास गतिविधियाँ कर रहे थे और क्षेत्र में तैनात सैनिकों के लिए तत्काल खतरा उत्पन्न कर रहे थे।

समझौते के पहले चरण पर सहमति

यह हमला ऐसे समय पर हुआ जब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार देर रात घोषणा की थी कि इजरायल और हमास ने समझौते के पहले चरण पर सहमति जताई है। इस समझौते में यह उल्लेख किया गया है कि इजरायली सरकार की मंजूरी मिलने के साथ ही युद्ध तुरंत समाप्त हो जाएगा। ट्रंप ने यह भी कहा कि इस समझौते के तहत बंधकों की रिहाई सुनिश्चित होगी और अगले एक-दो दिन में सभी बंधकों को मुक्त किए जाने की संभावना है।

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस समझौते को एक 'ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण कदम' करार दिया, जिससे दो साल से चल रहे संघर्ष को समाप्त करने में मदद मिलेगी। उनकी घोषणा के अनुसार, हमास सभी बंदियों को रिहा करेगा, जबकि इजरायल अपनी सेना को एक तय सीमा तक पीछे ले जाएगा। यह कदम अमेरिकी राष्ट्रपति के '20-बिंदुओं वाले शांति योजना' के पहले चरण का हिस्सा है। इस पर इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने सहमति जताते हुए कहा कि यह एक कूटनीतिक उपलब्धि है और इजरायल के लिए एक राष्ट्रीय और नैतिक सफलता है।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com