
कॉन्सेप्ट फोटो (सोर्स: सोशल मीडिया)
नवभारत इंटरनेशनल डेस्क: गाजा में लगातार संघर्ष जारी है, युद्धविराम समझौते के टूटने के बाद से ही इजरायली सेना ने गाजा पट्टी में भीषण तबाही मचाई है। बीते एक हफ्ते में 600 से अधिक फिलिस्तीनी मारे गए हैं। इजरायल के आक्रामक रुख को देखते हुए हमास ने अंततः युद्धविराम पर सहमति जता दी है। शनिवार को हमास ने घोषणा की कि उसने मिस्र और कतर द्वारा प्रस्तावित नए युद्धविराम प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया है।
हालांकि, इजरायल ने कहा कि उसने अमेरिका के साथ मिलकर एक अलग प्रस्ताव तैयार किया है, जो पूरी तरह समन्वित है।
इस सप्ताह की शुरुआत में मिस्र ने युद्धविराम बहाल करने के लिए एक नया प्रस्ताव पेश किया। गाजा में हमास के नेता खलील अल-हय्या ने इसे स्वीकार करने की घोषणा की, लेकिन यह स्पष्ट नहीं है कि उनकी घोषणा से पहले प्रस्ताव में कोई बदलाव हुआ था या नहीं। मिस्र के एक अधिकारी के अनुसार, इस समझौते के तहत हमास पांच जीवित बंधकों को रिहा करेगा, जिनमें एक अमेरिकी-इजरायली नागरिक भी शामिल है।
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इसके बदले में, इजराइल गाजा में मानवीय सहायता की अनुमति देगा और एक सप्ताह के लिए युद्धविराम पर सहमत होगा। साथ ही, इजराइल सैकड़ों फिलस्तीनी कैदियों को भी रिहा करेगा।
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के कार्यालय ने उनके प्रस्ताव का विवरण साझा नहीं किया, लेकिन यह स्पष्ट किया कि यह प्रस्ताव शुक्रवार को हुई चर्चा के आधार पर पेश किया गया है। लगभग 10 दिन पहले, इजरायल ने हमास के साथ युद्धविराम समाप्त कर उसके खिलाफ हवाई हमले शुरू किए थे, जिनमें सैकड़ों लोगों की जान गई। अमेरिका के आधिकारिक आवास ‘व्हाइट हाउस’ ने इस संघर्ष के फिर से भड़कने के लिए हमास को जिम्मेदार ठहराया।
इजरायल ने साफ कर दिया है कि जब तक हमास 59 बंधकों को रिहा नहीं करता, तब तक युद्ध जारी रहेगा। इसके साथ ही, इजरायल हमास से सत्ता छोड़ने, हथियार डालने और उसके नेताओं के निर्वासन की मांग कर रहा है।






