अकोला में 11 करोड़ का डाबकी रोड प्रोजेक्ट अधर में; साल भर में हुआ सिर्फ 30% काम, धूल और गड्ढों से जनता परेशान

Akola Road News: अकोला के डाबकी रोड चौड़ीकरण का 11 करोड़ का प्रकल्प एक साल में सिर्फ 30% पूरा हुआ। अधूरे काम, गड्ढों, धूल व जाम से नागरिक परेशान हैं। ठेकेदारों पर नियंत्रण न होने से आक्रोश बढ़ रहा है।
Akola's 11cr Dabki Road project stalled with only 30% completion in a year. Incomplete culverts and dust are haunting commuters, raising questions about political and civic accountability.
अकोला रोड प्रोजेक्ट तस्वीर (सौजन्य-नवभारत)
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Akola Dabki Road Project News: अकोला शहर का महत्त्वपूर्ण और व्यस्ततम मार्ग डाबकी रोड का चौडाइकरण कार्य अव्यवस्था का प्रतीक बनता जा रहा है। 11 करोड़ रुपये खर्च का यह प्रोजेक्ट साल बीत जाने के बाद भी केवल 30 प्रतिशत ही पूरा हो सका है। छाया हॉस्पिटल तक मात्र 260 मीटर सीमेंट सड़क तैयार कर काम रोक दिया गया है, जबकि शेष मार्ग गड्डों, धूल और यातायात जाम की समस्या से जूझ रहा है।

इस कारण नागरिकों में तीव्र आक्रोश पसरा है। पुराना शहर की यातायात समस्या कम करना और नागरिकों को सुगम परिवहन की सुविधा उपलब्ध कराना इस प्रोजेक्ट का मुख्य उद्देश्य था। लेकिन अधूरे काम के कारण समस्या और बढ़ गई है। अब तक केवल 2 करोड़ रुपये का काम हुआ है, जबकि करोड़ रुपये का निधि शेष है। जलवाहिनी और बिजली वाहिनी स्थलांतर का बड़ा चरण अभी बाकी है। इस प्रकल्प के लिए दो अलग-अलग ठेकेदार नियुक्त किए 9 गए हैं।

कल्वर्ट का काम अधुरा

श्री गजानन महाराज मंदिर के पास नाली, केबल और पाइपलाइन का काम काफी हद तक पूरा हुआ है, लेकिन दूसरी ओर दो कल्वर्ट का काम अधूरा होने से गंदे पानी की व्यवस्था चरमरा गई है। मनपा प्रशासन काम में विलंब के लिए कभी बारिश, तो कभी धार्मिक उत्सवों का कारण बताता है। प्रशासनिक देखरेख और जिम्मेदारी के अभाव में ठेकेदारों पर कोई अंकुश नहीं है।

वाहनधारकों की जान जोखिम में प्रतिदिन हजारों वाहनधारकों को संकरी और उखड़ी हुई सड़क पर जान जोखिम में डालकर यात्रा करनी पड़ती है। क्षेत्र के व्यापारियों का कहना है कि धूल और यातायात जाम के कारण ग्राहक इस इलाके से दूरी बना रहे हैं, जिससे उनके व्यवसाय पर सीधा असर पड़ रहा है।

राजनीतिक उदासीनता

  • राजनीतिक दृष्टि से पुराना शहर भाजपा का गढ़ माना जाता है, सत्ता में होने के बावजूद इस महत्त्वपूर्ण सड़क कार्य में हो रही देरी स्थानीय जनप्रतिनिधियों की कार्यक्षमता पर प्रश्नचिह्न खड़ा कर रही है।
  • चुनाव के बाद भी इस प्रकल्प को गति न मिलने से नागरिकों में तीव्र असंतोष व्यक्त्त हो रहा है। जनप्रतिनिधियों को चाहिए कि समस्याओं को ध्यान में रखते हुए जल्द से जल्द इस मार्ग का कार्य पूरा करने के लिए दबाव बनाए।
  • ताकि यह कार्य शीघ्र शुरू होकर रास्ते के कार्य को गति मिल सके और इसे शीघ्रता से पूरा किया जा सके।
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