Opinion Poll: तमिलनाडु में बड़ा उलटफेर, केरल में कांटे की लड़ाई; जानें ओपिनियन पोल का एक-एक आंकड़ा

Opinion Poll: केरल में दो प्रमुख गठबंधन एलडीएफ और यूडीएफ के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिल रही है। हालांकि, लेफ्ट के नेतृत्व वाले गठबंधन का पलड़ा कांग्रेस के नेतृत्व वाले गठबंधन पर भारी पड़ सकता है।
opinion Poll
कॉन्सेप्ट फोटो, (सोर्स- AI)
Published on
Updated on

Tamilnadu Assembly Elections Opinion Poll: चुनाव आयोग ने रविवार को तमिलनाडु और केरल के विधानसभा चुनावों की तारीखों का ऐलान कर दिया। दोनों राज्यों में एक चरण में वोट डाले जाएंगे। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि केरल में 9 अप्रैल और तमिलनाडु में 23 अप्रैल को वोट डाले जाएंगे, जबकि दोनों राज्यों में मतगणना 4 मई को होगी। इसे लेकर चुनाव आयोग ने अपनी तैयारियां पूरी कर ली हैं।

विधानसभा चुनावों की तारीखों की घोषणा के साथ ही आईएएनएस-मैटराइज का ओपिनियन पोल सामने आया है, जिसमें तमिलनाडु और केरल में किसकी सरकार बनेगी, इसे लेकर दोनों राज्यों की जनता से राय ली गई है।

क्षेत्रीय पार्टियों का दबदबा कायम

दोनों दक्षिणी राज्यों में क्षेत्रीय पार्टियों का दबदबा कायम है, लेकिन नए दावेदार उनकी बादशाहत को चुनौती देते दिख रहे हैं। अभिनेता से राजनेता बने विजय के नेतृत्व वाली टीवीके मतदाताओं के एक बड़े वर्ग को अपनी ओर खींचती दिख रही है, जबकि केरल में भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए को दोहरे अंकों में वोट मिलने का अनुमान है। हालांकि, इससे चुनाव नतीजों पर कोई खास असर पड़ने की उम्मीद नहीं है।

तमिलनाडु में भाजपा को बड़ा लाभ

आईएएनएस-मैटराइज के ओपिनियन पोल के अनुसार, तमिलनाडु में 'मिशन भाजपा' को बड़ा लाभ होता दिख रहा है। ओपिनियन पोल के अनुसार, दक्षिणी राज्य में सत्ता परिवर्तन होने की उम्मीद जताई गई है। इस बार ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कझगम (एआईएडीएमके) गठबंधन की सरकार बन सकती है। इसमें भाजपा भी प्रमुख सहयोगी के रूप में शामिल है, जबकि द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) गठबंधन के सत्ता से बाहर होने का अनुमान जताया गया है, जिसमें कांग्रेस भी शामिल है।

तमिलनाडु में किसे कितना सीट?

आईएएनएस-मैटराइज के ओपिनियन पोल के अनुसार, अगर तमिलनाडु की 234 विधानसभा सीटों की बात करें तो एआईएडीएमके गठबंधन के खाते में 114 से 127 सीटें जा सकती हैं। वहीं, सत्तारूढ़ पार्टी डीएमके गठबंधन को 104 से 114 सीटें मिल सकती हैं। वहीं, अभिनेता से नेता बने विजय की नई राजनीतिक पार्टी तमिलगा वेत्री कझगम (टीवीके) अपने पहले चुनाव में 6 से 12 सीटें हासिल कर सकती है, जबकि अन्य दलों के पाले में 1 से 6 सीटें जाने का अनुमान है। अगर तमिलनाडु में गठबंधनों के अनुसार वोट शेयरिंग की बात करें तो एआईएडीएमके को 39 से 40 प्रतिशत, डीएमके को 37 से 38 प्रतिशत और टीवीके को 14 से 15 प्रतिशत वोट मिलने की उम्मीद है। अन्य दलों को 10 से 12 प्रतिशत मत मिल सकते हैं।

चेन्नई DMK का गढ़

पश्चिमी और मध्य क्षेत्रों को छोड़कर बाकी सभी क्षेत्रों में एआईएडीएमके की बढ़त डीएमके पर एक जैसी बनी हुई है। डीएमके के लिए चेन्नई क्षेत्र उसका गढ़ बना हुआ है, यहां वह अपने मुख्य प्रतिद्वंद्वी से 7-8 प्रतिशत अधिक वोट शेयर हासिल करती दिख रही है और इस क्षेत्र की 37 सीटों में से सबसे बड़ा हिस्सा अपने नाम करती दिख रही है।

केरल में कांटे की टक्कर

केरल में दो प्रमुख गठबंधन लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (एलडीएफ) और यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिल रही है। हालांकि, लेफ्ट के नेतृत्व वाले गठबंधन का पलड़ा कांग्रेस के नेतृत्व वाले गठबंधन पर भारी पड़ सकता है।

केरल में जनता किसके साथ?

आईएएनएस-मैटराइज सर्वे के मुताबिक, एलडीएफ का प्रदर्शन थोड़ा बेहतर रहने का अनुमान है, क्योंकि यूडीएफ उसकी बढ़त को चुनौती देता हुआ नहीं दिख रहा है, जिससे मौजूदा स्थिति बनी रहेगी। एलडीएफ को 42-43 प्रतिशत वोट शेयर मिलने का अनुमान है, जिससे उसे 61-71 सीटें मिल सकती हैं। वहीं, यूडीएफ को 41-42 प्रतिशत वोट शेयर मिलने की उम्मीद है, जिससे उसकी सीटों की संख्या 58-69 के बीच रह सकती है।

केरल में सत्ताधारी गठबंन मजबूत

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाला राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) राज्य में एक मजबूत ताकत के तौर पर उभरा है, लेकिन इतना भी मजबूत नहीं कि सरकार बनाने में उसकी कोई भूमिका हो। ओपिनियन पोल के मुताबिक, एनडीए दक्षिणी राज्य में अपनी गहरी पैठ बनाता दिख रहा है। उसे करीब 12-13 प्रतिशत वोट शेयर मिलने का अनुमान है, लेकिन सीटें सिर्फ 2 ही मिल सकती हैं। 140 सदस्यों वाली विधानसभा में बहुमत का आंकड़ा 71 सीटें है, और सत्ताधारी गठबंधन पूरी तरह से मजबूत स्थिति में नजर आ रहा है।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com