इजरायल के आयरन डोम पर भारी पड़ रहे ईरानी मिसाइल, खत्म होने की कगार पर इंटरसेप्टर, अब क्या करेंगे नेतेन्याहू?

Israel-Iran War: इजराइल की मिसाइल रक्षा प्रणाली पर दबाव बढ़ रहा है, क्योंकि ईरान क्लस्टर म्यूनिशन का इस्तेमाल कर रहा है, जिससे इजराइल की सुरक्षा में नई चुनौतियां उत्पन्न हो रही हैं।
Israel Iron Dome Interceptors Eliminated
इजरायल के आयरन डोम इंटरसेप्टर खत्म होने की रिपोर्ट (सोर्स- सोशल मीडिया)
Published on
Updated on

Israel Iron Dome Interceptors Eliminated: इजरायल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध ने अब गंभीर रूप ले लिया है। दोनों देशों के बीच लगातार मिसाइल हमले हो रहे हैं, और इस संघर्ष ने इजरायल के लिए एक नई चिंता पैदा कर दी है। अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, इजरायल ने बताया कि उसके पास बैलिस्टिक मिसाइल रोकने वाले इंटरसेप्टर तेजी से खत्म हो रहे हैं। 

यह स्थिति इसलिए बनी क्योंकि ईरान लगातार अपनी मिसाइलों से इजरायल को निशाना बना रहा है, और इसके कारण इजरायल की रक्षा प्रणाली पर भारी दबाव बढ़ रहा है। अगर अमेरिकी रिपोर्ट में थोड़ी सी भी सच्चाई है तो ये इजरायल के लिए आने वाले समय में बड़ी मुसीबत बन सकती है।

इजरायल पर क्लस्टर मिसाइल दाग रहा ईरान

ईरान ने अब अपनी मिसाइलों में क्लस्टर म्यूनिशन जोड़ने की शुरुआत कर दी है। एक मिसाइल में कई छोटे बम होते हैं, जो जब मिसाइल फटती है तो काफी बड़े इलाके में फैल जाते हैं। ये छोटे बम किसी निश्चित निशाने पर नहीं गिरते, जिससे इजरायल की रक्षा प्रणाली को बड़ी चुनौती का सामना करना पड़ रहा है। इजरायल का आयरन डोम सिस्टम जो मुख्य रूप से कम दूरी की मिसाइलों को रोकने के लिए डिजाइन किया गया था, अब इन नए प्रकार के हमलों को रोकने में उतना प्रभावी नहीं है।

अमेरिकी अधिकारियों ने यह भी बताया कि उन्हें इस समस्या का पहले से अंदाजा था, और वे इसके लिए तैयार थे। हालांकि, अमेरिका के पास अपने इंटरसेप्टर की कमी नहीं है, और उनकी सैन्य क्षमता अभी भी मजबूत है। बावजूद इसके, यह साफ नहीं है कि क्या अमेरिका इजरायल को अपने इंटरसेप्टर मुहैया कराएगा, क्योंकि इससे उसके सैन्य भंडार पर दबाव पड़ सकता है।

इजरायल को 12,000 बम बेचेगा अमेरिका

इस बीच, अमेरिका ने इजरायल को 12,000 बम बेचने की मंजूरी भी दे दी है, ताकि इजरायल अपनी रक्षा क्षमता को बढ़ा सके। पिछले साल के संघर्ष में अमेरिका ने 150 से ज्यादा THAAD इंटरसेप्टर का इस्तेमाल किया था। इसके अलावा, मौजूदा युद्ध के पहले दिनों में ही अमेरिका ने करीब 2.4 अरब डॉलर के पैट्रियट इंटरसेप्टर का इस्तेमाल किया है। इस बीच, ईरान के क्लस्टर बम अब इजरायल की सबसे बड़ी चिंता बन चुके हैं, क्योंकि इनका प्रभाव इजरायल के नागरिक क्षेत्रों पर भी पड़ सकता है।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com