कंपकंपा उठा इलाका! भूकंप के तेज झटकों से मची अफरा-तफरी, दहशत में घरों से भागे लोग

ग्रीस के कासोस द्वीप के पास 6.1 तीव्रता का भूकंप आया, जिसे कई क्षेत्रों में महसूस किया गया। अभी 14 मई को भी ग्रीस में 6.3 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया था।
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कुछ समस से भारत सहित दुनिया के कई देशों में लगातार भूकंप के झटकों से धरती कांपती नजर आ रही है। तुर्की, म्यांमार और अन्य देशों में आए भीषण भूकंपों के चलते हजारों लोगों की जान जा चुकी है। अब ताजा मामला यूरोप के देश ग्रीस का है, जहां गुरुवार को जोरदार भूकंप के झटके महसूस किए गए। आइए जानें कि इस भूकंप की तीव्रता कितनी दर्ज की गई।

गुरुवार को ग्रीस के कासोस द्वीप के समीप एक तेज भूकंप आया, जिसकी कंपन देश के कई क्षेत्रों में महसूस की गई। रिक्टर पैमाने पर इसकी तीव्रता 6.1 दर्ज की गई है। यूनाइटेड स्टेट्स जियोलॉजिकल सर्वे (USGS) के अनुसार, यह झटका स्थानीय समयानुसार रात 1:51 बजे आया, जिससे घबराकर लोग अपने घरों से बाहर निकल आए।

हाल ही में लगा था भूकंप का तगड़ा झटका

अभी 14 मई को ग्रीस में एक तेज भूकंप महसूस किया गया, जिसकी तीव्रता रिक्टर स्केल पर 6.3 मापी गई। यह भूकंप सुबह के समय क्रीट द्वीप के आसपास आया और इसकी वजह से लोग घबरा गए। जर्मन रिसर्च सेंटर फॉर जियोसाइंसेज (GFZ) ने जानकारी दी कि भूकंप 14 मई सुबह दर्ज किया गया। हालांकि, अब तक किसी बड़े नुकसान की कोई सूचना नहीं मिली है।

सुनामी के खतरे का आकलन शुरू

इस भूकंप के बाद संभावित सुनामी के खतरे का आकलन शुरू हो गया है। यूरोपीय-भूमध्य भूकंपीय केंद्र (ईएसएमसी) के अनुसार, सुनामी की संभावना का मूल्यांकन किया जा रहा है। इससे पहले, पिछले सप्ताह ग्रीस के दक्षिणी तट पर आए शक्तिशाली भूकंप के बाद भी इसी तरह की चेतावनी जारी की गई थी। 13 और 14 मई की रात को 6.3 की तीव्रता वाला भूकंप आया था, जिसके बाद दक्षिणी तटीय इलाकों में सुनामी की चेतावनी दी गई थी।

इसलिए आते हैं भूकंप

वर्तमान समय में दुनियाभर में भूकंप की घटनाओं में वृद्धि देखी जा रही है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि पृथ्वी के भीतर कुल सात टेक्टोनिक प्लेट्स मौजूद हैं, जो लगातार अपनी स्थिति में हलचल करती रहती हैं। जब ये प्लेट्स एक-दूसरे से टकराती हैं, खासकर फॉल्ट लाइनों पर, तो उनके बीच घर्षण उत्पन्न होता है। इस घर्षण के कारण उत्पन्न ऊर्जा धरती की सतह से बाहर निकलने का रास्ता खोजती है। जब यह ऊर्जा बाहर निकलती है, तो धरती में कंपन होता है, जिसे हम भूकंप के रूप में महसूस करते हैं।

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