Tejas Crash: इतिहास में दूसरी बार क्रैश हुआ भारत का गौरव तेजस, पहली बार जांबाज पायलट की दर्दनाक मौत

भारतीय वायुसेना और पूरे देश के लिए आज बेहद दुखद और चौंकाने वाली खबर लेकर भारत के गौरव Tejas की तरफ से आई है, दुबई एयर शो के दौरान यह विमान हिस्ट्री में दुसरी बार हादसे का शिकार हुआ है।
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इतिहास में दूसरी बार क्रैश हुआ भारत का गौरव तेजस
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Tejas Crash Dubai Airshow: भारतीय वायुसेना और पूरे देश के लिए आज का दिन बेहद दुखद और चौंकाने वाली खबर लेकर आया है। दुबई एयर शो में अपने दमखम का प्रदर्शन कर रहा भारत का स्वदेशी लड़ाकू विमान तेजस शुक्रवार, 21 नवंबर को एक भयानक हादसे का शिकार हो गया। आसमान में कलाबाजियां दिखाते समय विमान अचानक दुर्घटनाग्रस्त होकर गिर पड़ा। 24 सालों के गौरवशाली इतिहास में यह दूसरी बार है जब तेजस क्रैश हुआ है, लेकिन इस बार परिणाम पिछली बार से कहीं ज्यादा दिल दहलाने वाले हैं क्योंकि हमने एक जांबाज पायलट को खो दिया है।

दुबई में चल रहे दुनिया के सबसे बड़े एयर शो में यह हादसा उस वक्त हुआ जब एरियल डिस्प्ले चल रहा था। भारतीय समयानुसार दोपहर करीब 3:40 बजे विमान में तकनीकी खराबी के संकेत मिले और देखते ही देखते हवाई अड्डे के ऊपर काला धुआं छा गया। हादसे के तुरंत बाद रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया और शो को रोक दिया गया। भारतीय वायुसेना ने भारी मन से पुष्टि की है कि इस दुर्घटना में पायलट को जानलेवा चोटें आईं और उनकी मौत हो गई है। वायुसेना ने इस घटना पर गहरा दुख जताया है और कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी के आदेश दे दिए हैं ताकि हादसे की असली वजह पता चल सके।

जैसलमेर हादसे से बिल्कुल अलग थी यह दुर्घटना

यह तेजस के इतिहास का केवल दूसरा क्रैश है, लेकिन इसकी गंभीरता बहुत ज्यादा है। इससे पहले इसी साल 12 मार्च को राजस्थान के जैसलमेर में पहला तेजस विमान दुर्घटनाग्रस्त हुआ था। उस समय राहत की बात यह थी कि इंजन सीज होने के बावजूद पायलट सुरक्षित इजेक्ट करने में सफल रहा था। लेकिन दुबई के इस हादसे ने देश को गहरा जख्म दिया है। 2001 में अपनी पहली उड़ान भरने वाले इस विमान का रिकॉर्ड अब तक बेदाग था। तेजस 4.5 जेनरेशन का विमान है जिसे हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) ने तैयार किया है, मगर इस साल हुई दो घटनाओं ने सुरक्षा को लेकर नई चिंताएं पैदा कर दी हैं।

मेक इन इंडिया और भविष्य की चुनौतियां

तेजस कार्यक्रम भारत की आत्मनिर्भरता का प्रतीक है। इसे मिग-21 जैसे पुराने विमानों को बदलने के लिए तैयार किया गया था। फिलहाल वायुसेना के पास 40 तेजस विमान हैं और 36,468 करोड़ रुपये के सौदे में 83 नए तेजस मार्क-1ए विमानों का ऑर्डर दिया गया है। इसके अलावा अमेरिका की जनरल इलेक्ट्रिक के साथ इंजनों के लिए समझौता भी हुआ है। हालांकि, आज के हादसे ने निश्चित रूप से हर भारतीय का दिल भारी कर दिया है। एक तरफ जहां हम अपनी तकनीक का लोहा मनवाने दुबई गए थे, वहां हुए इस हादसे ने हमें एक वीर योद्धा से वंचित कर दिया है।

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