मिशन सुदर्शन : इजराइल के साथ मिलकर भारत बनाएगा अभेद सुरक्षा कवच, दुश्मन की लंबी दूरी की मिसाइलें होंगी नाकाम

India Israel Defense System Deal : रूसी एयर डिफेंस सिस्टम S-400 के साथ भारत अब इजरायल के हाईटेक मिसाइल व लेजर डिफेंस सिस्टम को खरीदने की दिशा में आगे बढ़ रहा। इस डील से पाकिस्तान-चीन में खलबली मची है।
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पीएम मोदी। इमेज-एआई
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India Israel Defense Deal News : रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दो दिवसीय इजराइल दौरे से पहले भारत के रक्षा खेमे से बड़ी खबर आई है। भारत अब इजराइल के साथ मिलकर दुनिया के सबसे घातक एंटी-बैलिस्टिक मिसाइल डिफेंस सिस्टम और लेजर वेपन पर काम करने जा रहा है। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इजराइल अब भारत के साथ वह टॉप सीक्रेट टेक्नोलॉजी साझा करने को तैयार है, जिसे उसने अब तक किसी देश को नहीं दिया था।

इस सहयोग का सबसे बड़ा हिस्सा मिशन सुदर्शन है। इसके तहत भारत अपना खुद का ऐसा सुरक्षा कवच तैयार कर रहा है, जो दुश्मन की लंबी दूरी की मिसाइलों को भारतीय सीमा में घुसने से पहले ही राख कर देगा। इजराइल इस क्षेत्र में दुनिया का निर्विवाद लीडर है। जून 2024 में ईरान द्वारा दागी गई 98 प्रतिशत मिसाइलों को इजराइल के एरो और आयरन डोम सिस्टम ने हवा में ही नष्ट कर दिया था। अब इसी तकनीक की मदद से भारत अपने अंदरूनी इलाकों को पूरी तरह सुरक्षित करेगा।

ड्रोन और स्टैंड-ऑफ मिसाइलों का जाल

भारत केवल सुरक्षा नहीं, बल्कि हमले की क्षमता में भी इजराइल के साथ लंबी दूरी की स्टैंड ऑफ मिसाइलें और घातक कामिकेज ड्रोन विकसित करेगा। गौरतलब है कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत ने इजराइली रैम्पेज मिसाइलों और हारोप ड्रोन के जरिए पाकिस्तानी सीमा में घुसकर चीन निर्मित एयर डिफेंस सिस्टम की धज्जियां उड़ा दी थीं। डिफेंस सेक्रेटरी आरके सिंह की पिछली तेल अवीव यात्रा के दौरान साइन किए गए एमओयू ने इस महा-सौदे की नींव रख दी थी। अब पीएम मोदी की यात्रा के दौरान इस पर अंतिम मुहर लगने की उम्मीद है, जो भारत को रक्षा क्षेत्र में पूरी तरह आत्मनिर्भर और अजेय बना देगी।

फ्रांस : राफेल मरीन और फाइटर जेट्स

भारत ने नौसेना के लिए 26 राफेल मरीन विमानों का सौदा किया है (करीब 63000 करोड़)। ये विमान आईएनएस विक्रांत और आईएनएस विक्रमादित्य जैसे विमानवाहक पोतों पर तैनात होंगे। वायुसेना के लिए 114 मल्टी-रोल लड़ाकू विमानों की खरीद पर बातचीत अंतिम चरण में है, जिसमें फ्रांस का राफेल सबसे मजबूत दावेदार है।

अमेरिका : प्रिडेटर ड्रोन और इंजन तकनीक

भारत अमेरिका से 31 हंटर किलर प्रिडेटर ड्रोन खरीद रहा है (करीब $3 बिलियन)। ये ड्रोन 35 घंटे से ज्यादा समय तक हवा में रहकर जासूसी और हमला करने में सक्षम हैं। अमेरिकी कंपनी जनरल इलेक्ट्रिक (GE) भारत के तेजस मार्क-2 विमानों के लिए जेट इंजन की तकनीक साझा करने और भारत में ही उत्पादन करने पर सहमत हुई है।

जर्मनी : एडवांस्ड पनडुब्बियां (Project 75I)

फरवरी 2026 में भारत और जर्मनी के बीच 66,000 करोड़ का समझौता हुआ है। इसके तहत जर्मनी की कंपनी TKMS और भारत की मझगांव डॉक मिलकर 6 आधुनिक पनडुब्बियां भारत में बनाएंगी, जो वायु स्वतंत्र प्रणोदन (AIP) तकनीक से लैस होंगी।

रूस : S-400 और ब्रह्मोस एक्सपोर्ट

भारत रूस से दुनिया का सबसे घातक मिसाइल डिफेंस सिस्टम S-400 हासिल कर रहा है। इसकी अधिकांश यूनिट्स भारत पहुंच चुकी हैं। भारत और रूस ने मिलकर अब फिलीपींस जैसे देशों को ब्रह्मोस मिसाइल निर्यात करने के लिए बड़े समझौते किए हैं, जिससे भारत एक्सपोर्ट हब बन रहा है।

दक्षिण कोरिया : K9-वज्र तोपें

भारत ने लद्दाख और अन्य पहाड़ी सीमाओं पर तैनात करने के लिए दक्षिण कोरिया के सहयोग से 100 और K-9 वज्र सेल्फ-प्रोपेल्ड तोपें बनाने का ऑर्डर दिया है।

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