
सांकेतिक फोटो (सो. एआई डिजाइन)
World War 3 News In Hindi: दुनिया में चारों तरफ जारी तनाव, हिंसा, तकनीक के खतरनाक विकास और भीषण युद्धों के बीच आज ‘डूम्सडे क्लॉक’ से पर्दा हटाया जाएगा। यह घड़ी इस बात का एक चौंकाने वाला संकेत होगी कि इंसानियत तबाही के कितने करीब पहुंच चुकी है। वाशिंगटन DC में भारतीय समय के अनुसार रात करीब 8 बजे ‘बुलेटिन ऑफ एटॉमिक साइंटिस्ट्स’ द्वारा इस घड़ी को अपडेट किया जाएगा।
डूम्सडे क्लॉक एक प्रतीकात्मक घड़ी है, जिसे ‘बुलेटिन ऑफ एटॉमिक साइंटिस्ट्स’ द्वारा बनाया और अपडेट किया जाता है। यह घड़ी बताती है कि मानवजाति परमाणु युद्ध, जलवायु परिवर्तन, जैविक खतरे और AI जैसी विघटनकारी तकनीकों के कारण वैश्विक आपदा के कितने करीब है। इस घड़ी में ‘आधी रात’ का मतलब पूरी तरह से विनाश या डूम्सडे माना जाता है।
घड़ी की सुइयां इस समय के जितने करीब होती हैं, खतरा उतना ही बड़ा माना जाता है। पिछले साल, यह घड़ी आधी रात से मात्र 89 सेकंड की दूरी पर सेट की गई थी जो अब तक का सबसे खतरनाक स्तर है।
विशेषज्ञों के अनुसार, हाल के वर्षों में तीसरे विश्व युद्ध का बढ़ता खतरा और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का अनियंत्रित विकास विनाश के डर को और गहरा कर रहा है। बुलेटिन के साइंस और सिक्योरिटी बोर्ड के चेयरपर्सन डेनियल होल्ट्ज़ ने चेतावनी दी है कि विनाशकारी तकनीकों में हो रही तरक्की इस डरावने बदलाव को बढ़ावा दे रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि आधी रात की ओर बढ़ता हर कदम एक गंभीर चेतावनी है और रास्ता बदलने में हुई देरी वैश्विक आपदा की संभावना को बढ़ा देती है।
साल 2025 की घटनाओं ने दुनिया को हिलाकर रख दिया है और 2026 में ये खतरे कम होने के बजाय और बढ़ गए हैं। रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध अभी भी जारी है, जिसमें रूस द्वारा यूक्रेन पर आक्रमण और हिंसा का सिलसिला थमा नहीं है। इसके साथ ही मिडिल ईस्ट के बिगड़ते हालात और अफ्रीका के सूडान व सोमालीलैंड जैसे क्षेत्रों में चल रही जंग ने वैश्विक शांति को संकट में डाल दिया है।
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इतिहास में एक समय ऐसा भी था जब दुनिया अधिक सुरक्षित महसूस करती थी। 1991 में शीत युद्ध खत्म होने के समय घड़ी की सुइयां आधी रात से सबसे दूर, यानी 17 मिनट पीछे थीं। उस समय अमेरिका और सोवियत संघ ने परमाणु हथियारों में कटौती के लिए ‘स्ट्रैटेजिक आर्म्स रिडक्शन ट्रीटी’ पर हस्ताक्षर किए थे। लेकिन वर्तमान समय में युद्धों और नई तकनीकों के दबाव ने हमें फिर से विनाश के कगार पर ला खड़ा किया है।






