Rajpal Yadav Case: राजपाल यादव तिहाड़ से रिहा, 12 रातें जेल में काटने के बाद बाहर आए अभिनेता

Rajpal Yadav Tihar Jail: राजपाल यादव 12 रातें तिहाड़ जेल में बिताने के बाद 9 करोड़ रुपये के लोन मामले में अंतरिम बेल पर रिहा हुए। दिल्ली हाई कोर्ट ने 9 करोड़ रुपये के कर्ज मामले में अंतरिम जमानत दी।
rajpal yadav released from tihar after 12 nights loan case
राजपाल यादव (फोटो- सोशल मीडिया)
Updated on

Rajpal Yadav Jail Release: बॉलीवुड के मशहूर कॉमेडियन राजपाल यादव आज 9 करोड़ रुपये के लोन केस में अंतरिम बेल पर जेल से बाहर आए हैं। दिल्ली हाई कोर्ट में हुई हालिया सुनवाई के बाद उन्हें कुछ समय के लिए राहत मिली है। 12 रातें तिहाड़ जेल में बिताने के बाद राजपाल अब अपने परिवार के साथ समय बिता सकेंगे। इन कठिन दिनों में उनकी पत्नी राधा यादव और भाई लगातार उनके साथ खड़े रहे। इसके अलावा, बॉलीवुड से भी कई नामी सितारों ने उनका समर्थन किया।

कड़कड़डूमा कोर्ट ने उनके रिहाई वारंट जारी किया। दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश के अनुसार, राजपाल यादव को शिकायतकर्ता के खाते में 1.5 करोड़ रुपये जमा कराने थे, जो उन्होंने समय से पहले ही जमा करा दिए। कोर्ट ने उन्हें पासपोर्ट सरेंडर करने का निर्देश भी दिया। अगले हियरिंग की तारीख 18 मार्च 2026 तय हुई है, जिसमें उन्हें फिजिकली या वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए उपस्थित रहना अनिवार्य होगा।

इस फिल्म के वजह से जेल गए थे राजपाल यादव

एक्टर को बेल मिलने का समय भी खास था, क्योंकि उनकी भतीती की शादी 19 फरवरी को शाहजहांपुर में होनी है। राजपाल के बाहर आने से परिवार में खुशी का माहौल बन गया। उनके भाई ने बताया कि अब उनके अच्छे दिन फिर से आने वाले हैं और परिवार के उत्साह में बढ़ोतरी हुई है। राजपाल यादव की कानूनी परेशानियों की जड़ साल 2010 में हुई फिल्म ‘अता पता लापता’ के निर्माण से जुड़ी है। राजपाल यादव ने उस समय दिल्ली की मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड से लगभग 5 करोड़ रुपये का कर्ज लिया था।

बॉक्स ऑफिस पर असफल हो गई थी फिल्म

‘अता पता लापता’ के बॉक्स ऑफिस पर असफल होने के कारण उन्होंने समय पर ऋण चुकाया नहीं। विवाद तब बढ़ा जब उनके सात चेक बाउंस हो गए और मामला अदालत तक पहुँच गया। साल 2018 में मजिस्ट्रेट अदालत ने उन्हें और उनकी पत्नी राधा यादव को 'नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट' की धारा 138 के तहत दोषी ठहराते हुए छह महीने की जेल सजा सुनाई थी। इसके खिलाफ दिल्ली हाई कोर्ट में अपील की गई, लेकिन राहत कम मिली। बकाया राशि ब्याज के साथ बढ़कर 9 करोड़ रुपये तक पहुंच गई। इसी कारण 6 फरवरी 2026 को अदालत ने उन्हें तिहाड़ जेल में पेश होने का आदेश दिया।

Navbharat Live
navbharatlive.com