19 साल पहले हुई थी मौत, आज भी कब्र पर होता है चमत्‍कार, वो लड़का जिसे मिलने वाला है संत का दर्जा

Carlo Acutis Story: ब्रिटेन में जन्मे इतालवी युवा कार्लो एक्यूटिस, जिन्होंने 15 साल की उम्र में ल्यूकेमिया से मृत्यु पाई, 7 सितंबर को पोप फ्रांसिस द्वारा संत घोषित किए जाएंगे।
19 साल पहले हुई थी मौत, आज भी कब्र पर होता है चमत्‍कार, वो लड़का जिसे मिलने वाला है संत का दर्जा
कार्लो एक्यूटिस की कब्र (फोटो- सोशल मीडिया)
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Carlo Acutis Catholic Saint: ब्रिटेन में जन्मे इतालवी युवा कार्लो एक्यूटिस, जिन्हें सहस्राब्दी पीढ़ी का पहला कैथोलिक संत माना जाएगा, को 7 सितंबर को पोप फ्रांसिस द्वारा सेंट पीटर्स स्क्वायर में आयोजित एक भव्य समारोह में संत घोषित किया जाएगा। कार्लो का 2006 में मात्र 15 वर्ष की उम्र में ल्यूकेमिया से निधन हो गया था।

कार्लो बचपन से ही धार्मिक थे और तकनीकी क्षेत्र में भी निपुण थे। उन्होंने छोटी उम्र में कोडिंग सीखकर एक वेबसाइट बनाई थी, जिसमें विश्व भर के कैथोलिक चमत्कारों को सूचीबद्ध किया गया था। उनकी धार्मिक निष्ठा और समर्पण ने चर्च अधिकारियों का ध्यान आकर्षित किया और उन्हें मदर टेरेसा व सेंट फ्रांसिस ऑफ असीसी जैसे महान संतों के बराबर सम्मान मिलने वाला है।

मां-बाप से कहा मरकर खुश हूं

कार्लो अकुतिस का जन्म ब्रिटेन के एक मर्चेंट बैंकर के घर हुआ था, लेकिन उन्होंने बचपन से ही एक असाधारण जीवन जीना शुरू कर दिया। महज पांच साल की उम्र में वे अपना जेबखर्च गरीबों में बांटने लगे। स्कूल में जब वे किसी को तंग किया जाता देखते, तो उसकी मदद करते। जरूरतमंदों को वे खाना पकाने का सामान बांटते और घर से कंबल लाकर उन्हें दे आते थे।

कब्र पर होता है चमत्‍कार

कॉस्टा रिका की एक महिला की 21 साल की बेटी 2022 में कॉलेज जाते समय एक गंभीर बाइक दुर्घटना का शिकार हो गई थी। इस हादसे में उसके दिमाग में गहरी चोट लगी और खून बहने लगा। सर्जरी के बावजूद, वह कोमा में चली गई। छह दिन बाद, उसकी मां ने इटली में कार्लो एक्यूटिस की कब्र पर जाकर अपनी बेटी के ठीक होने के लिए प्रार्थना की।

चर्च का दावा है कि जब वह वापस लौटी, तो उसकी बेटी के अंग फिर से काम करने लगे थे। वह कोमा से बाहर आ चुकी थी और बोलने भी लगी थी। उसके दिमाग में हो रहा रक्तस्राव बंद हो गया था और सर्जरी के निशान भी गायब हो चुके थे। सबसे हैरान करने वाली बात यह थी कि सिर्फ 10 दिनों में उसे अस्पताल से छुट्टी मिल गई। ये खबर इतनी तेजी से फैली की आज दुनियाभर से लोग कार्लो की कब्र पर मन्नत मांगने आते है।

कैसे मिलता है संत का दर्जा?

कैथोलिक धर्म में किसी व्यक्ति को संत का दर्जा देने के लिए कम से कम दो चमत्कारों का प्रमाण होना जरूरी होता है। वेटिकन की “सेंट मेकिंग कमेटी” ने दो चमत्कारों को मान्यता दी है, जिनमें एक दुर्लभ बीमारी से पीड़ित बच्चे का ठीक हो जाना और ब्रेन इंजरी से मरणासन्न छात्रा की अचानक स्वस्थ हो जाना शामिल है। कार्लो ने दोनों ही शर्ते पूरी की है।

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