

PM Modi Condolences Khaleda Zia Death: बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के निधन पर भारत सरकार द्वारा दिखाई गई संवेदनशीलता ने दोनों देशों के कूटनीतिक रिश्तों में एक नई गर्माहट पैदा कर दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खालिदा जिया के पुत्र और BNP के कार्यकारी अध्यक्ष तारिक रहमान को एक विशेष पत्र भेजकर अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त की हैं।
इस कदम की बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) ने खुले दिल से सराहना करते हुए इसे सम्मान और परिपक्वता का प्रतीक बताया है। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने स्वयं ढाका पहुंचकर इस दुखद घड़ी में भारत की उपस्थिति दर्ज कराई, जो क्षेत्र में बदलते राजनीतिक समीकरणों का एक बड़ा संकेत है। यह कूटनीतिक शिष्टाचार ऐसे समय में आया है जब बांग्लादेश अपने लोकतांत्रिक भविष्य की नई रूपरेखा तैयार कर रहा है।
बीएनपी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारत सरकार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि खालिदा जिया के निधन पर भारत का रुख अत्यंत सराहनीय रहा है। पार्टी ने इस कदम को दोनों देशों के बीच भविष्य के सहयोग के लिए एक सकारात्मक संकेत माना है। बीएनपी नेताओं के अनुसार, पीएम मोदी का संदेश न केवल एक श्रद्धांजलि है, बल्कि बांग्लादेश के लोगों के प्रति सम्मान का प्रकटीकरण भी है।
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने तारिक रहमान को प्रधानमंत्री मोदी का जो निजी पत्र सौंपा, उसमें खालिदा जिया को 'दृढ़ संकल्प वाली नेता' बताया गया है। पत्र में मोदी ने 2015 की अपनी मुलाकात को याद किया और भारत-बांग्लादेश संबंधों को मजबूत करने में उनके योगदान की प्रशंसा की। पीएम ने विश्वास जताया कि जिया के आदर्श आने वाले समय में दोनों देशों की साझेदारी को और समृद्ध करेंगे।
विदेश मंत्री जयशंकर की संक्षिप्त ढाका यात्रा ने कई मायनों में महत्वपूर्ण कूटनीतिक संदेश दिए हैं। उन्होंने न केवल जिया के अंतिम संस्कार में भाग लिया, बल्कि दक्षिण एशियाई क्षेत्र के अन्य प्रमुख नेताओं के साथ भी संक्षिप्त मुलाकात की। जयशंकर ने स्पष्ट किया कि खालिदा जिया की राजनीतिक विरासत आने वाले दशकों तक दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों को आकार देने में अपनी अहम भूमिका निभाती रहेगी।
भारत में बांग्लादेश के उच्चायुक्त रियाज हामिदुल्लाह ने कहा कि यह यात्रा आपसी निर्भरता और व्यावहारिकता के आधार पर एक नए अध्याय की शुरुआत है। बीएनपी और भारत के बीच इस संवाद को विशेषज्ञों ने फरवरी 2026 में होने वाले बांग्लादेशी चुनावों से पहले एक बड़े रणनीतिक बदलाव के रूप में देखा है। दोनों देश अब सुरक्षा और व्यापार जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर अधिक स्पष्टता और सहयोग के साथ आगे बढ़ने की ओर देख रहे हैं।