ट्रंप ने ले लिया नोबेल का बदला! मादुरो का तख्तापलट किया लेकिन मचाडो को नहीं सौंपी कमान, बताई ये वजह

US-Venezuela Row: अमेरिका द्वारा मादुरो की गिरफ्तारी के बाद वेनेजुएला की सत्ता पर अनिश्चितता है, ट्रंप ने मचाडो को नेतृत्व न सौंपने और अस्थायी अमेरिकी नियंत्रण की बात कही।
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डोनाल्ड ट्रंप, मारिया कोरिना मचाडो (सोर्स- सोशल मीडिया)
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US Action in Venezuela: अमेरिका ने शनिवार को वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को हिरासत में ले लिया। दोनों अमेरिका के न्यूयाॅर्क ले जा गया है जहां उनपर मुकदमा चलाए जाने की तैयारी है। मुदारो के तख्तापलट के बाद कहा जा रहा था कि वेनेजुएला विपक्षी नेता और 2025 में शांति का नोबेल पुरस्कार जीतने वाली मारिया कोरिना मचाडो देश की कमान सौंपी जा सकती है। लेकिन अमेरिका राष्ट्रपति डोनाल्ज ट्रंप ने इससे साफ इनकार कर दिया है। 

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को वेनेजुएला की विपक्षी नेता और नोबेल शांति पुरस्कार विजेता मारिया कोरिना मचाडो की नेतृत्व क्षमता पर सवाल उठाए। फ्लोरिडा के मार-ए-लागो क्लब में पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने कहा कि मचाडो को वेनेजुएला के लोगों का न तो पर्याप्त समर्थन है और न ही सम्मान। उन्होंने यह भी दावा किया कि एक रातभर चले अमेरिकी ऑपरेशन के बाद से वे मचाडो के संपर्क में नहीं हैं।

कौन संभालेगा वेनेजुएला की कमान?

ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ने वेनेजुएला पर रात में कार्रवाई कर मादुरो को पकड़ लिया और “अभी के लिए” देश का नियंत्रण संभालने को तैयार है। उनके अनुसार, जरूरत पड़ने पर अमेरिकी सैनिकों की तैनाती भी की जा सकती है। उन्होंने कहा कि अमेरिका तब तक देश चलाएगा जब तक “सुरक्षित और सही संक्रमण” नहीं हो जाता, और ऐसे किसी नेता को सत्ता सौंपने का जोखिम नहीं ले सकता जो वेनेजुएला के हित में काम न करे।

ट्रंप ने जमीन पर सैनिक भेजने की तत्परता जताई, लेकिन यह स्पष्ट नहीं किया कि अमेरिका प्रशासनिक नियंत्रण कैसे करेगा। हालांकि, बिजली कटौती जैसे ऑपरेशनों की खबरों के बावजूद, ज़मीनी स्तर पर देश के बड़े हिस्सों पर अभी भी मादुरो सरकार का नियंत्रण बताया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि मादुरो की गिरफ्तारी के बाद उपराष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने राष्ट्रपति पद की शपथ ले ली है। वेनेजुएला सरकार ने इसकी पुष्टि नहीं की। 

क्या ट्रंप ने मचाडो से लिया नोबेल का बदला?

सोशल मीडिया पर यह दावा किया जा रहा है कि डोनाल्ड ट्रंप ने जानबूझकर मारिया कोरिना मचाडो को सत्ता नहीं सौंपी। कुछ लोगों का कहना है कि यह कदम मचाडो से नोबेल शांति पुरस्कार न जीत पाने की नाराज़गी का नतीजा है। ट्रंप ने 2025 के नोबेल शांति पुरस्कार के लिए अपनी दावेदारी पेश की थी, लेकिन नोबेल समिति ने उनकी जगह मचाडो को यह सम्मान दिया। इसके बाद ट्रंप प्रशासन ने नोबेल पुरस्कार देने वाली संस्था की आलोचना भी की थी।

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