- Hindi News »
- World »
- Bangladesh Election 2026 Sajeeb Wazed Attacks Yunus Government Awami League Ban Hindi
‘चुनाव से डर गई युनुस सरकार’, शेख हसीना के बेटे का बड़ा प्रहार; बैन को बताया ‘लोकतंत्र की हत्या’
Bangladesh Election News: बांग्लादेश में फरवरी 2026 के चुनावों से पहले शेख हसीना के बेटे ने यूनुस सरकार पर तीखा हमला किया है। उन्होंने आवामी लीग पर प्रतिबंध को सोची-समझी राजनीतिक साजिश बताया है।
- Written By: अमन उपाध्याय

सजीब वाजेद और मुहम्मद यूनुस, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
Bangladesh News In Hindi: बांग्लादेश की राजनीति में उस समय हलचल मच गई जब शेख हसीना के बेटे और आवामी लीग के रणनीतिकार सजीब वाजेद ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अंतरिम सरकार की मंशा पर सवाल उठाए। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि फरवरी 2026 का चुनाव लोकतंत्र की वापसी का संकेत नहीं है बल्कि यह लाखों मतदाताओं के लोकतांत्रिक अधिकारों को छीनने जैसा है।
सजीब का दावा है कि आवामी लीग करीब 40 से 60 फीसदी मतदाताओं की पसंद है और उसे बैन करके यूनुस सरकार ने करोड़ों लोगों को चुनावी प्रक्रिया से बाहर कर दिया है।
आवामी लीग पर प्रतिबंध और सरकार का तर्क
बांग्लादेश की अंतरिम सरकार ने अपना रुख साफ कर दिया है कि आगामी आम चुनाव में आवामी लीग हिस्सा नहीं ले सकेगी। सरकार के प्रेस सचिव शफिकुल आलम के अनुसार, पार्टी का पंजीकरण निलंबित है और उसकी गतिविधियों पर प्रतिबंध लगा हुआ है जिसे हटाने पर कोई विचार नहीं किया जा रहा है।
सम्बंधित ख़बरें
ईरान युद्ध में चौधरी बन रहा था पाक…कतर ने दे दिया बड़ा झटका, पाकिस्तानियों के लिए बंद किए दरवाजे!
NASA का महत्वाकांक्षी आर्टेमिस 2 मिशन लॉन्च, भेजे चार अंतरिक्ष यात्री, 10 दिनों तक लगाएंगे चांद का चक्कर
ट्रंप का होमुर्ज पर दुनिया को साफ संदेश…अपना-अपना देखो, देश के नाम संबोधन में बोले- हमें उसकी जरूरत नहीं
ईरान युद्ध से निकलने को तैयार है अमेरिका! ट्रंप ने देश के नाम भाषण में दिए पांच हिंट, अब क्या करेगा इजरायल?
Bangladesh’s February 2026 election is not a return to democracy — it’s democracy denied. By banning the Awami League, the party of Sheikh Hasina and the choice of nearly 60% of voters, the Yunus government has deliberately locked millions out of the electoral process. An… — Sajeeb Wazed (@sajeebwazed) December 31, 2025
गौरतलब है कि मई 2025 में सरकार ने एंटी-टेररिज्म एक्ट के तहत आवामी लीग पर रोक लगाई थी जिसका कारण 2024 के विरोध प्रदर्शनों के दौरान हुई हिंसा को बताया गया था।
सजीब वाजेद के गंभीर आरोप सजीब वाजेद ने यूनुस सरकार के खिलाफ कई महत्वपूर्ण बिंदु उठाए हैं-
• उनका आरोप है कि यूनुस सरकार एक स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव का सामना करने से डर रही है।
• देश की सबसे बड़ी पार्टी को बाहर करना किसी सुधार का हिस्सा नहीं, बल्कि राजनीतिक प्रतिशोध के तहत दी गई सजा है।
• बिना बहुसंख्यक आबादी की भागीदारी के कोई भी चुनाव लोकतांत्रिक या समावेशी नहीं कहला सकता।
• उन्होंने चेतावनी दी कि इस कदम से चुनाव की अंतरराष्ट्रीय विश्वसनीयता पर भी गंभीर सवाल खड़े होंगे।
बढ़ती अंतरराष्ट्रीय चिंता और भविष्य की चुनौतियां
सजीब के इन आरोपों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी हलचल पैदा कर दी है। अमेरिका के पांच सांसदों ने इस मुद्दे पर चिंता व्यक्त करते हुए पत्र लिखा है कि पूरी पार्टी पर प्रतिबंध लगाने से मतदाताओं के अधिकार प्रभावित होते हैं। हालांकि, अंतरिम सरकार ने इन चिंताओं को फिलहाल कानून के तहत लिया गया फैसला बताकर दरकिनार कर दिया है।
यह भी पढ़ें:- इमरान खान के खिलाफ ‘गवाह’ बनेंगे पूर्व ISI चीफ? वकील ने अटकलों पर लगाया पूर्णविराम, बताया क्या है सच
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि यदि आवामी लीग जैसी जमीनी पकड़ वाली पार्टी चुनाव से बाहर रहती है तो न केवल चुनाव की वैधता संदिग्ध होगी बल्कि देश में भविष्य में विरोध-प्रदर्शन और अस्थिरता का खतरा भी बढ़ सकता है। बांग्लादेश के लिए फरवरी 2026 का चुनाव एक बड़ी परीक्षा साबित होने वाला है, जहां लोकतंत्र की मजबूती उसके समावेशी होने पर टिकी है।
Bangladesh election 2026 sajeeb wazed attacks yunus government awami league ban hindi
Get Latest Hindi News , Maharashtra News , Entertainment News , Election News , Business News , Tech , Auto , Career and Religion News only on Navbharatlive.com
लेटेस्ट न्यूज़
नासिक: बेमौसम बारिश से फसलें प्रभावित, ग्रामीण इलाकों में पेयजल संकट गहरा; 24 गांवों में टैंकर से पानी सप्लाई
Apr 02, 2026 | 10:45 AMजमीन दोगे तो खत्म होगा नक्सलवाद…सांसद किरसान ने संसद में उठाया मुद्दा, गड़चिरोली की जमीनी हकीकत की बयां
Apr 02, 2026 | 10:43 AMमालाड के कुरार-विलेज रोड पर यातायात व्यवस्था ध्वस्त, स्कूली बच्चों और मरीजों पर असर
Apr 02, 2026 | 10:43 AMSunetra Pawar ECI Letter: सुनेत्रा पवार का चुनाव आयोग को लेटर, लिस्ट में नहीं पटेल तटकरे का नाम
Apr 02, 2026 | 10:38 AMईरान युद्ध में चौधरी बन रहा था पाक…कतर ने दे दिया बड़ा झटका, पाकिस्तानियों के लिए बंद किए दरवाजे!
Apr 02, 2026 | 10:34 AMUPI New Record: अब हर दिन 1 लाख करोड़ का डिजिटल लेनदेन, यूपीआई ने बनाया नया रिकॉर्ड
Apr 02, 2026 | 10:32 AMRamayana First Look: ‘रामायण’ की पहली झलक ने बढ़ाई उत्सुकता, रणबीर कपूर के लुक पर फिदा हुए फैंस
Apr 02, 2026 | 10:30 AMवीडियो गैलरी

‘मुसलमानों के खिलाफ…’, मदरसा बोर्ड बंद होने पर शहाबुद्दीन रजवी ने CM पुष्कर सिंह धामी पर साधा निशाना
Apr 01, 2026 | 10:51 PM
बिहार के Nalanda में महिला को बीच सड़क पर नोचते रहे मनचले, कपड़े फाड़कर घसीटा
Apr 01, 2026 | 10:36 PM
हत्या के 9 महीने बाद लौटे राजा रघुवंशी, घर में गूंजी बच्चे की किलकारी
Apr 01, 2026 | 10:23 PM
क्या इजरायली जेलों में कैदियों को दिए जा रहे बिजली के झटके? वायरल वीडियो और नए कानून ने दुनिया को चौंकाया
Apr 01, 2026 | 10:03 PM
लखनऊ में ‘वर्दी वाली गुंडागर्दी’? परिवार के सामने युवक को घसीटकर ले गई पुलिस, रोता रहा बच्चा, नहीं बताया कारण
Apr 01, 2026 | 09:58 PM
हाई-स्पीड सफर में सेहत से खिलवाड़! वंदे भारत के खाने पर भड़कीं महिला यात्री, IRCTC ने जांच के बाद दी सफाई
Apr 01, 2026 | 09:53 PM













