खत्म हो रहा है ईरान के लिए समय! तेहरान पर भड़के डोनाल्ड ट्रंप, सिचुएशन रूम में बुलाई हाई-लेवल मीटिंग

US Iran Tension: ईरान के परमाणु कार्यक्रम और बढ़ते तनाव के बीच डोनाल्ड ट्रंप ने सिचुएशन रूम में शीर्ष अधिकारियों की बैठक बुलाई है। ट्रंप ने चेतावनी देते हुए कहा कि ईरान के लिए समय निकलता जा रहा है।
Trump takes major action against Iran! High-level meeting convened in the Situation Room. Is war about to begin?
मीटिंग करते डोनाल्ड ट्रंप, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
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US Iran Tension Trump Situation Room Meeting: अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से चला आ रहा तनाव अब एक खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप मंगलवार को व्हाइट हाउस के 'सिचुएशन रूम' में अपने शीर्ष राष्ट्रीय सुरक्षा अधिकारियों के साथ एक बेहद महत्वपूर्ण और उच्च स्तरीय बैठक करने जा रहे हैं।

इस बैठक का मुख्य एजेंडा ईरान के परमाणु कार्यक्रम और हालिया तनाव को देखते हुए संभावित सैन्य विकल्पों पर विस्तार से चर्चा करना है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह बैठक ऐसे समय में बुलाई गई है जब दोनों देशों के बीच कूटनीतिक रास्ते लगभग बंद होते नजर आ रहे हैं।

ईरान के पास समय कम

हाल के दिनों में राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान के प्रति अपनी बयानबाजी और तेवरों को काफी आक्रामक कर दिया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा है कि घड़ी की सुइयां चल रही हैं और ईरान के लिए समझौता करने का समय निकलता जा रहा है। ट्रंप ने यहां तक कह दिया कि यदि ईरानी नेतृत्व अमेरिकी मांगों को पूरा करने में विफल रहता है तो भविष्य में उनका कुछ भी नामोनिशान नहीं बचेगा। ट्रंप के इन तीखे बयानों ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय में इस चिंता बढ़ गई है।

शांति समझौता अब लाइफ सपोर्ट पर

अमेरिका और ईरान में तनाव तब और बढ़ गया जब राष्ट्रपति ट्रंप ने शांति समझौते के प्रस्ताव को पूरी तरह से खारिज कर दिया। फिलहाल अभी स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि ट्रंप ने दोनों देशों के बीच जारी नाजुक युद्धविराम को लाइफ सपोर्ट पर बताया है। सैन्य जानकारों का कहना है कि बढ़ते तनाव और बयानबाजी को देखकर लगता है कि यह कूटनीति अब विफल हो रही है और जंग की आशंका बढ़ती जा रही है।

क्या है पूरा विवाद?

इस पूरे विवाद की मुख्य जड़ ईरान का परमाणु कार्यक्रम हैं। वाशिंगटन प्रशासन लगातार यह मांग कर रहा है कि ईरान अपने यूरेनियम संवर्धन पर सख्त पाबंदियां लगाए और इस बात की अंतरराष्ट्रीय गारंटी दे कि वह कभी भी परमाणु हथियार विकसित नहीं करेगा। हालांकि, ईरान इन आरोपों को लगातार नकारता रहा है। तेहरान का दावा है कि उसका परमाणु कार्यक्रम पूरी तरह से नागरिक और शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए है। इसके साथ ही ईरान ने उन अमेरिकी शर्तों का कड़ा विरोध किया है जो प्रतिबंधों में ढील और क्षेत्रीय सुरक्षा व्यवस्थाओं से जुड़ी हैं।

क्या होगा सैन्य विकल्प?

रिपोर्टों के मुताबिक, अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा अधिकारी ईरान पर दबाव बनाने के लिए कई कड़े विकल्पों पर विचार कर रहे हैं। इनमें सख्त सैन्य निवारण उपायों के साथ-साथ रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में सैन्य दबाव को बढ़ाना शामिल है।

गौरतलब है कि यह जलमार्ग दुनिया के लिए सबसे महत्वपूर्ण मार्ग में से एक है क्योंकि वैश्विक तेल शिपमेंट का एक बहुत बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से होकर गुजरता है। यदि अमेरिका इस क्षेत्र में अपनी सेना को बढ़ाता है तो इसका सीधा असर वैश्विक तेल आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है।

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