
डेंगू से बांग्लादेश बेहाल, फोटो (सो.सोशल मीडिया)
Bangladesh News Hindi: बांग्लादेश में डेंगू का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। सोमवार से मंगलवार सुबह के बीच सिर्फ 24 घंटों में 4 और मरीजों की मौत हो गई, जिससे 2025 में अब तक डेंगू से मरने वालों की कुल संख्या बढ़कर 343 हो गई है।
यूनाइटेड न्यूज ऑफ बांग्लादेश (यूएनबी) के अनुसार, इसी अवधि में 920 से अधिक मरीजों को वायरल बुखार और डेंगू की आशंका पर अस्पतालों में भर्ती किया गया। कुल डेंगू संक्रमितों की संख्या अब 86,924 के पार पहुंच गई है।
स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय (डीजीएचएस) द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, सबसे ज्यादा मामले ढाका नॉर्थ सिटी कॉर्पोरेशन (डीएनसीसी) में 211 दर्ज किए गए। ढाका साउथ सिटी कॉर्पोरेशन में 151 मामलों की पुष्टि हुई, जबकि ढाका डिवीजन में 147 और बारिशाल में 146 नए केस सामने आए। इसके अलावा चटगांव में 116, खुलना में 72, मयमनसिंह में 65, सिलहट में 10 और रंगपुर में 2 नए मामले रिपोर्ट हुए हैं।
तुलनात्मक रूप से देखें तो 2024 में डेंगू से 575 लोगों की मौत हुई थी, जबकि 2023 में यह संख्या रिकॉर्ड 1,705 के पार चली गई थी। डीजीएचएस के महानिदेशक अबू जाफ़र ने 9 अक्टूबर को स्पष्ट किया था कि 2025 में संक्रमण की दर पिछले वर्ष से काफी अधिक है, हालांकि मृत्यु दर घटती हुई दिखाई दे रही है। उन्होंने कहा कि संक्रमण के अनुपात में मौतें कम हैं, लेकिन खतरा अभी भी गंभीर है।
अबू जाफर ने मच्छरों के प्रजनन स्थल खत्म करने और लार्वा नष्ट करने पर कड़ा जोर दिया था। उनका कहना है कि रोकथाम ही डेंगू से लड़ने का सबसे प्रभावी तरीका है।
डेंगू संकट के बीच देश की स्वास्थ्य प्रणाली को लेकर चिंताएं और गहरी हो गई हैं। हाल ही में जारी मल्टीपल इंडिकेटर क्लस्टर सर्वे 2025 (MICS 2025) ने कई चिंताजनक तथ्य सामने रखे। बांग्लादेश सांख्यिकी ब्यूरो (BBS) और यूनिसेफ द्वारा किए गए इस विशाल सर्वेक्षण में करीब 63,000 परिवारों को शामिल किया गया।
सर्वे के अनुसार, देश में बाल श्रम की स्थिति बदतर हुई है। 2019 की तुलना में अब लगभग 12 लाख अधिक बच्चे मजदूरी करने को मजबूर हैं। साथ ही, 12-59 महीने आयु वर्ग के करीब 40% बच्चों के रक्त में सीसा (Lead) का स्तर खतरनाक सीमा से ऊपर पाया गया है। यह पहली बार है जब एमआईसीएस सर्वे में भारी धातुओं के लिए ब्लड सैंपल की जांच की गई।
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रिपोर्ट बताती है कि 38% बच्चों और 8% गर्भवती महिलाओं के खून में सीसे की मात्रा सुरक्षित सीमा से बहुत ज्यादा है। विशेषज्ञों के अनुसार यह स्थिति पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी की ओर इशारा करती है, जो भविष्य में गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं को जन्म दे सकती है।
डेंगू के लगातार बढ़ते प्रकोप और सीसा प्रदूषण, कुपोषण तथा दूषित जल जैसी समस्याएं यह दर्शाती हैं कि बांग्लादेश की स्वास्थ्य प्रणाली कई मोर्चों पर संघर्ष कर रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि त्वरित स्वास्थ्य सुधार, स्वच्छता प्रबंधन और बच्चों की सुरक्षा को लेकर ठोस कदम उठाना बेहद जरूरी है, वरना यह संकट और गहरा सकता है।






