आतंक को पुरस्कार नहीं....ऑस्ट्रेलियाई पीएम के फैसले पर इजरायल ने कसा शिकंजा

Middle East Conflict: ऑस्ट्रेलिया द्वारा फिलिस्तीनी राज्य को मान्यता देने की संभावित योजना पर इजरायल ने कड़ा विरोध जताया है। इजरायल के राजदूत अमीर मैमून ने बताया कि यह निर्णय शांति स्थापित करने की...
आतंक को पुरस्कार नहीं.... ऑस्ट्रेलियाई पीएम के फैसले पर इजरायल ने कसा शिकंजा
ऑस्ट्रेलियाई पीएम के फैसले पर इजरायल ने कसा शिकंजा, ( डिजाइन फोटो )
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Australia Recognizes Palestinian State: ऑस्ट्रेलिया द्वारा फिलिस्तीनी राज्य को मान्यता देने की संभावित योजना पर इजरायल ने कड़ी आपत्ति जताई है। इजरायल के राजदूत अमीर मैमून ने कहा कि यह फैसला शांति की दिशा में सही कदम नहीं होगा, बल्कि इससे इजरायल की सुरक्षा कमजोर हो सकती है और शांति प्रक्रिया में बाधा आएगी। राजदूत ने स्पष्ट किया कि आतंकवाद को खत्म करना ही शांति का रास्ता है, न कि आतंकवादियों को पुरस्कार देना।

उन्होंने यह भी कहा कि जब हमास हिंसा और अपहरण की घटनाओं को बढ़ावा दे रहा है और शांति प्रस्तावों को अस्वीकार कर रहा है, तब फिलिस्तीनी राज्य को मान्यता देना गलत संदेश देगा। इससे इजरायल की सुरक्षा पर नकारात्मक असर पड़ेगा, बंधकों की रिहाई के प्रयास प्रभावित होंगे और हिंसा का समर्थन करने वाले मजबूत हो सकते हैं।

राज्य को मान्यता देने से पहले कुछ शर्तें

बता दें कि अभी हाल ही में ऑस्ट्रेलिया के पीएम एंथनी अल्बानीज ने ऐलान किया कि उनका देश सितंबर में संयुक्त राष्ट्र महासभा में फिलिस्तीनी राज्य को मान्यता देगा। इसी को लेकर इजरायली राजदूत ने प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज के पहले के बयानों का हवाला देते हुए कहा कि पिछले महीने प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया था कि फिलिस्तीनी राज्य को मान्यता देने से पहले कुछ शर्तें पूरी होनी चाहिए, जैसे हिंसा का त्याग, बंधकों की रिहाई और जवाबदेह शासन की स्थापना। लेकिन अब ऑस्ट्रेलिया इन शर्तों को दरकिनार करते हुए सिर्फ प्रतीकात्मक रूप में मान्यता देने की दिशा में बढ़ रहा है।

आतंक और हिंसा को पहले छोड़ना जरूरी

उन्होंने यह भी कहा कि यह कदम जमीन पर कोई वास्तविक बदलाव नहीं लाएगा। शांति सिर्फ घोषणा करने से नहीं मिलती; इसके लिए आतंक और हिंसा को पूरी तरह से छोड़ना जरूरी है। आतंक को राजनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल करने वालों को पुरस्कार देना एक खतरनाक संदेश भेजता है कि हिंसा से राजनीतिक लाभ हासिल किया जा सकता है।

शांति और स्थिरता की दिशा में काम

उन्होंने कहा कि ऑस्ट्रेलिया का यह निर्णय हमास को ताकत देने वाला है और उन लोगों के लिए हानिकारक है जो शांति और स्थिरता की दिशा में काम कर रहे हैं। दरअसल, ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज ने घोषणा की है कि उनका देश सितंबर में संयुक्त राष्ट्र महासभा में फिलिस्तीनी राज्य को आधिकारिक तौर पर मान्यता देगा, जिस पर इजरायल ने विरोध जताया है।

(एजेंसी इनपुट के साथ)

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