

कैनेबरा: कनाडा के ब्रैम्पटन में हिंदू मंदिर पर हुए हमले को लेकर देश भर से प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। इस कड़ी में आस्ट्रेलिया की भी टिप्प्णी सामने आई है। इसके बाद भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर का भी मामले पर बयान आया है।
दरअसल, विदेश मंत्री एस जयशंकर ऑस्ट्रेलिया के अपने आधिकारिक दौरे पर हैं, इस दौरान उनसे पूछा गया कि क्या इस तरह की घटना से भारत और कनाडा के बीच राजनयिक तनाव बढ़ सकता है। इस पर उनकी टिप्पणी सामने आई।
कनाडा में हिंदू मंदिर पर हुए हमले पर पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने कहा, कनाडा में हिंदू मंदिर में कल जो हुआ वह बेहद चिंताजनक है। आपको हमारे आधिकारिक प्रवक्ता का बयान और कल हमारे प्रधानमंत्री द्वारा व्यक्त की गई चिंता भी देखनी चाहिए थी। इससे आपको पता चल जाएगा कि हम इस घटना के बारे में कितनी गहरी भावना रखते हैं।
एस जयशंकर का बयान
पीएम मोदी ने क्या कहा था
कनाडा में हिंदू मंदिर पर हुए हमले पर पीएम मोदी ने सोमवार को सोशल मीडिया साइट एक्स पर ट्वीट के जरिए इसकी कड़ी निंदा की थी। उन्होंने कहा कि मैं कनाडा में एक हिंदू मंदिर पर जानबूझकर किए गए हमले की कड़ी निंदा करता हूं। हमारे राजनयिकों को डराने-धमकाने की कायरतापूर्ण कोशिशें भी उतनी ही भयावह हैं। हिंसा के ऐसे कृत्य कभी भी भारत के संकल्प को कमजोर नहीं करेंगे। हम कनाडा सरकार से न्याय सुनिश्चित करने और कानून के शासन को बनाए रखने की उम्मीद करते हैं।
ऑस्ट्रेलिया का बयान
कनाडा में हिंदू मंदिर पर हमले पर ऑस्ट्रेलिया की टिप्पणी
कैनबरा में हिंदू मंदिर पर हमले पर ऑस्ट्रेलियाई विदेश मंत्री पेनी वोंग ने भी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा, उनकी आस्था, संस्कृति, वे कौन हैं और वे कहां हैं, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता, सभी को सुरक्षित और सम्मानित होने का अधिकार है।यह भारतीय समुदाय के लिए बहुत परेशान करने वाली बात है। बर्बरता को उचित कानून प्रवर्तन अधिकारियों द्वारा निपटाया जाना चाहिए।
कनाडा के हिंदू मंदिर में क्या हुआ था
कनाडा के ब्रैम्पटन में रविवार को एक हिन्दू मंदिर में लोगों पर हमला हुआ था। मीडिया मुताबिक, मंदिर परिसर में चरमपंथियों ने कनाडाई हिंदू भक्तों पर हमला किया था । यह हमला तब हुआ, जब कनाडा स्थित भारतीय उच्चायोग के अधिकारी मंदिर में गए थे। कनाडा के ब्रैम्पटन में हुए इस हमले की भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सोमवार को निंदा की थी।