

Mark Carney India Visit: कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी की भारत यात्रा से पहले उनकी सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। कनाडाई मीडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, कनाडा ने 2008 के मुंबई आतंकी हमलों के मुख्य आरोपी तहव्वुर हुसैन राणा की नागरिकता रद्द करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। 65 वर्षीय राणा वर्तमान में भारत की जेल में हैं, जहां उन पर 26/11 मुंबई हमलों में सहयोग करने के आरोप में मुकदमे की सुनवाई चल रही है। इन हमलों में 160 से अधिक लोग मारे गए थे। राणा को अप्रैल 2025 में अमेरिका से भारत प्रत्यर्पित किया गया था।
कनाडा सरकार के अनुसार राणा की नागरिकता आतंकवाद से जुड़ी कार्रवाई के कारण नहीं, बल्कि उनके द्वारा नागरिकता आवेदन के दौरान दी गई गलत जानकारी के कारण रद्द की जा रही है। इमिग्रेशन, रिफ्यूजीज एंड सिटिजनशिप कनाडा (IRCC) ने 31 मई 2024 को राणा को औपचारिक रूप से सूचित किया कि नागरिकता प्राप्त करने के लिए उन्होंने अपने कनाडाई निवास और गैरहाजिरी के बारे में गलत जानकारी दी थी।
राणा ने 2000 में नागरिकता के लिए आवेदन किया था और दावा किया कि उन्होंने चार साल तक ओटावा और टोरंटो में रहकर आवश्यक समय पूरा किया है। उन्होंने केवल छह दिन की गैरहाजिरी बताई थी, जबकि रॉयल कैनेडियन माउंटेड पुलिस (RCMP) की जांच में पता चला कि वह इस दौरान अधिकांश समय अमेरिका के शिकागो में थे। वहां उनके कई प्रॉपर्टी और व्यवसाय थे, जिसमें एक इमिग्रेशन कंसल्टेंसी और दुकान शामिल हैं।
राणा की नागरिकता रद्द करने का मामला फिलहाल फेडरल कोर्ट में है। इमिग्रेशन विभाग के प्रवक्ता ने कहा कि गलत जानकारी देने पर नागरिकता रद्द करना कनाडा सरकार की ईमानदारी बनाए रखने का एक आवश्यक तरीका है। यह प्रक्रिया गंभीरता से की जाती है और कोर्ट इसकी वैधता सुनिश्चित करता है।
पाकिस्तानी मूल के तहव्वुर हुसैन राणा पर 2008 के मुंबई आतंकी हमलों की साजिश रचने का आरोप है। उनका संबंध डेविड कोलमैन हेडली, लश्कर-ए-तैयबा और हरकत-उल-जिहादी इस्लामी जैसे आतंकवादी संगठनों से बताया गया है। इन हमलों में 166 लोग मारे गए और 238 से अधिक घायल हुए। अमेरिका में गिरफ्तार होने के बाद भारत ने उन्हें प्रत्यर्पित करने के प्रयास किए। राणा ने अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट तक अपील की, लेकिन सभी खारिज कर दी गई। अप्रैल 2025 में उन्हें भारत लाया गया, जहाँ राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने उन्हें हिरासत में लिया।