पश्चिम बंगाल में मुख्य निर्वाचन अधिकारी के दफ्तर पर हमला, ECI ने SIR गतिविधियों की मांगी रिपोर्ट

West Bengal के CEO के दफ्तर में हमला होने की सूचना है, ECI ने इसी सिलसिले में SIR की सभी गतिविधियों पर रिपोर्ट तलब की है। राज्य में CEO के दफ्तर में सुरक्षा चूक ने लापरवाही को उजागर किया है।
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मुख्य निर्वाचन अधिकारी के दफ्तर में घुसपैठ के बाद हड़कंप (फोटो- सोशल मीडिया)
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West Bengal CEO office security breach: पश्चिम बंगाल में आगामी चुनावों से पहले पूरे देश में चल रहे SIR के तहत यहां पर भी इसी का कार्य चल रहा है। इसी कड़ी में कोलकाता स्थित मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) के दफ्तर में हुई एक गंभीर सुरक्षा चूक ने प्रशासन की नींद उड़ा दी है। इस घटना को महज एक लापरवाही नहीं, बल्कि एक बड़ी साजिश के तौर पर देखा जा रहा है। चुनाव आयोग ने इसे बेहद गंभीरता से लिया है और साफ कहा है कि वहां काम करने वाले अधिकारियों की जान खतरे में है। इस घुसपैठ के बाद दिल्ली से लेकर कोलकाता तक हड़कंप मच गया है।

चुनाव आयोग ने इस मामले में कोलकाता पुलिस कमिश्नर को सख्त निर्देश जारी किए हैं। आयोग का मानना है कि मौजूदा सुरक्षा इंतजाम पूरी तरह नाकाफी हैं। जांच में पता चला कि सुरक्षा की कई परतें ठीक से काम नहीं कर रही थीं, जिससे कोई भी संदिग्ध आसानी से अंदर घुस सकता था। इसे देखते हुए आयोग ने तुरंत प्रभाव से सुरक्षा बढ़ाने और जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाने का आदेश दिया है। अब दफ्तर ही नहीं, अधिकारियों के घर और रास्तों की सुरक्षा भी कड़ी कर दी जाएगी।

'SIR गतिविधियों' का खतरा और पुलिस की लापरवाही

आयोग ने राज्य में चल रही 'SIR गतिविधियों' और आने वाले चुनावों की संवेदनशीलता को देखते हुए विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। आयोग को आशंका है कि यह चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश हो सकती है। जांच में खुलासा हुआ है कि बिल्डिंग में प्रवेश के नियम कमजोर थे, सीसीटीवी कवरेज सीमित था और अधिकारियों के आने-जाने के दौरान कोई एस्कॉर्ट सुरक्षा नहीं थी। आयोग ने साफ कहा है कि डिजिटल और फिजिकल दोनों तरह की सुरक्षा में तत्काल सुधार की जरूरत है, क्योंकि ऐसी चूक चुनावी अखंडता को नुकसान पहुंचा सकती है।

अब गलती की कोई गुंजाइश नहीं, गिरेगी गाज

चुनाव आयोग ने कड़ी चेतावनी दी है कि सुरक्षा उल्लंघन अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आयोग ने कोलकाता पुलिस को इलेक्ट्रॉनिक और ह्यूमन इंटेलिजेंस नेटवर्क मजबूत करने को कहा है। अब सीईओ ऑफिस में हाई-रिज़ॉल्यूशन कैमरे लगेंगे और मल्टी-फैक्टर ऑथेंटिकेशन लागू होगा। आयोग ने स्पष्ट कर दिया है कि अगर भविष्य में ऐसी कोई चूक हुई या किसी स्तर पर लापरवाही पाई गई, तो जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी। यह मसला अब सिर्फ सुरक्षा का नहीं, बल्कि संवैधानिक जिम्मेदारी का बन गया है, जिसे राजनीति से दूर रखना होगा।

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