बंगाल में 'बाबर' की एंट्री! निलंबित TMC विधायक ने रखी मस्जिद की नींव; सिर पर ईंट लेकर पहुंचे समर्थक

West Bengal की राजनीति में इस समय भूचाल आ रखा है। TMC से निलंबित विधायक Humayun Kabir ने बाबरी मस्जिद की नींव रख दी है, उन्होंने ईंट लेकर पहुंचे समर्थकों के साथ ढांचे की फाउंडेशन का फीता काटा।
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TMC विधायक हुमायूं कबीर ने रखी मस्जिद की नींव (फोटो- सोशल मीडिया)
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TMC suspended MLA Humayun Foundation stone ceremony of Babri Masjid: पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर बड़ा भूचाल आ गया है। मुर्शिदाबाद में तृणमूल कांग्रेस से निलंबित विधायक हुमायूं कबीर ने बाबरी मस्जिद जैसे ढांचे का शिलान्यास कर हलचल मचा दी है। नजारा तब और दिलचस्प हो गया जब उनके समर्थक सिर पर ईंटें लेकर निर्माण स्थल पर पहुंचने लगे। इस घटना ने राज्य में सियासी पारा सातवें आसमान पर पहुंचा दिया है। प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं, लेकिन सवाल यह है कि क्या यह महज एक इमारत है या फिर आने वाले तूफान की आहट?

शिलान्यास के बाद पूरे इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया गया है। गौरतलब है कि कोर्ट ने इस मामले में हस्तक्षेप करने से पहले ही मना कर दिया था, जिसके बाद हुमायूं कबीर के हौसले बुलंद नजर आए। भाजपा नेता अमित मालवीय ने इसे राष्ट्रीय सुरक्षा और कानून-व्यवस्था के लिए खतरा बताते हुए चेतावनी दी है कि अगर हालात बिगड़े तो इसका सीधा असर नेशनल हाईवे-12 पर पड़ेगा। उनका कहना है कि कबीर को पुलिस का समर्थन हासिल है और यह सब एक राजनीतिक लाभ के लिए किया जा रहा है, जबकि हुमायूं का दावा है कि लाखों लोग उनके साथ खड़े हैं और वे हर साजिश नाकाम करेंगे।

सियासत का 'बाबरी' कनेक्शन

भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ ने इस घटना पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जिस बाबर को गुरु नानक देव जी ने जालिम कहा था, उसके नाम पर भारत में कोई स्मारक स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि बाबर ने नदियां खून से लाल कर दी थीं और मंदिरों को तोड़ा था। वहीं, वरिष्ठ नेता दिलीप घोष ने हुमायूं कबीर को टीएमसी का 'फ्रीलांसर' करार दिया। उन्होंने कहा कि यह सब ममता बनर्जी की सरकार द्वारा जानबूझकर रचा गया खेल है ताकि चुनाव से पहले सांप्रदायिक भावनाओं को भड़काकर वोट बैंक साधा जा सके और सामाजिक ताने-बाने को नुकसान पहुंचाया जा सके।

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एजेंट और साजिश का जाल

दूसरी तरफ तृणमूल कांग्रेस ने पलटवार करते हुए साफ कहा कि कबीर अब भाजपा और आरएसएस के एजेंट के तौर पर काम कर रहे हैं। पार्टी नेताओं का कहना है कि मुर्शिदाबाद के अमन-चैन को बिगाड़ने के लिए यह साजिश रची गई है। इस बीच, कांग्रेस नेता सोनिया गांधी के बयानों पर भी भाजपा ने निशाना साधा। तरुण चुघ ने पंडित नेहरू की 'हिमालयी गलतियों' का जिक्र करते हुए कहा कि धारा 370, 35A और अंबेडकर के अपमान जैसी ऐतिहासिक भूलों के कारण देश आज भी भुगत रहा है, जिसे नकारा नहीं जा सकता। इन सबके बीच हुमायूं कबीर का यह कदम बंगाल की राजनीति में एक नई बहस का कारण बन गया है।

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