
अमित शाह का विरोध करते लोग- फोटो- सोशल मीडिया
Go Back Amit Shah: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के कोलकाता दौरे के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। कॉलेज स्ट्रीट पर ‘गो बैक’ के नारों के साथ अमित शाह का पुतला फूंका गया और उन पर बंगाली संस्कृति के अपमान का आरोप लगाया गया।
पश्चिम बंगाल के तीन दिवसीय दौरे पर आए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को बुधवार को कोलकाता की सड़कों पर कड़े विरोध का सामना करना पड़ा। पश्चिम बंगाल प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष शुभंकर सरकार के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कॉलेज स्ट्रीट पर उनके काफिले के सामने प्रदर्शन किया और नारेबाजी की।
बुधवार को जब अमित शाह का काफिला यूनिवर्सिटी ऑफ कोलकाता के पास से गुजर रहा था, तब भारी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता वहां जमा हो गए। प्रदर्शनकारियों ने ‘गो बैक’ (वापस जाओ) के नारे लगाए और गृह मंत्री का पुतला फूंका। स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने पूरे मार्ग पर कड़े सुरक्षा इंतजाम किए थे और प्रदर्शनकारियों को मुख्य मार्ग से दूर रखने की कोशिश की ताकि काफिले की आवाजाही में बाधा न आए।
कांग्रेस के इस तीखे विरोध के पीछे कई प्रमुख कारण बताए जा रहे हैं:
• प्रवासी मजदूर की हत्या: कांग्रेस ने ओडिशा में बंगाली प्रवासी मजदूर ज्वेल राणा की हत्या पर अमित शाह की चुप्पी पर कड़ी आपत्ति जताई है।
• सांस्कृतिक अपमान का आरोप: प्रदेश अध्यक्ष शुभंकर सरकार ने आरोप लगाया कि अमित शाह ने महान कवि रबिंद्रनाथ टैगोर का गलत नाम लेकर बंगाल की सांस्कृतिक विरासत का अपमान किया है।
• नकारात्मक दृष्टिकोण: कांग्रेस का आरोप है कि केंद्रीय गृह मंत्री का रवैया बंगाल और बंगाली भाषा के प्रति हमेशा से विरोधपूर्ण और नकारात्मक रहा है।
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अमित शाह 29 दिसंबर से बंगाल के दौरे पर हैं, जिसे आगामी विधानसभा चुनावों के मद्देनजर राजनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। जहाँ एक ओर शाह घुसपैठ और ममता सरकार की विफलताओं पर हमलावर हैं, वहीं दूसरी ओर कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों का यह विरोध केंद्र और राज्य के बीच चल रही राजनीतिक रस्साकशी को और तेज कर रहा है। ममता बनर्जी ने भी शाह के हमलों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि उन्हें इन बयानों की परवाह नहीं है।






