किन्नरों पर कसी जाएगी नकेल, RPF को चाहिए अपग्रेड बॉडी वॉर्न कैमरे, जानें नई गाइडलाइन्स

SECR Nagpur RPF: SECR नागपुर RPF को अपग्रेड बॉडी वॉर्न कैमरे मिलेंगे। 2025 में 3.27 करोड़ का सोना और भारी मात्रा में गांजा जब्त। किन्नरों और अवैध वेंडरों पर सख्त कार्रवाई।
SECR Nagpur RPF Deep Chandra Arya DSC
आरपीएफ डीएससी आर्य (सौजन्य-नवभारत)
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Railway Body Worn Cameras: दक्षिण पूर्व मध्य रेल, नागपुर मंडल के रेलवे सुरक्षा बल को सुरक्षा व्यवस्था और अधिक सशक्त बनाने के लिए अपग्रेड बॉडी वॉर्न कैमरों की जरूरत है। मंडल सुरक्षा आयुक्त दीप चंद्र आर्य ने बुधवार को बताया कि वर्तमान में नागपुर मंडल के पास 84 बॉडी वॉर्न कैमरे उपलब्ध हैं। वर्ष 2026 में इनकी संख्या बढ़ने और नए, आधुनिक कैमरे मिलने की उम्मीद है।

कंधे या सीने पर लगाए जाने वाले इन कैमरों में बेहतर वीडियो क्वालिटी के साथ लंबे समय तक रिकॉर्डिंग सुरक्षित रखने की सुविधा होगी। रेलवे बोर्ड स्तर पर इस संबंध में नई नीति पर काम चल रहा है। इनका उपयोग ट्रेनों में गश्त के दौरान किया जाता है, जिससे चलती ट्रेन में भी हर संवेदनशील गतिविधि पर नजर रखी जा सकती है। इससे न केवल पारदर्शिता बढ़ी है, बल्कि सुरक्षा संबंधी मामलों में त्वरित कार्रवाई भी संभव हुई है।

पटरियों पर पतंग न उड़ाएं

मकर संक्रांति के मद्देनजर डीएससी आर्य ने आम नागरिकों से अपील की कि वे रेलवे पटरियों पर आकर पतंग न उड़ाएं। किसी भी समय पटरी पर ट्रेन आ सकती है, जिससे गंभीर हादसे की आशंका रहती है। साथ ही प्रतिबंधित नायलॉन मांजा यात्रियों और रेलवे परिसर में मौजूद अन्य लोगों के लिए जानलेवा साबित हो सकता है। नायलॉन मांजे से ओवरहेड तारों में तकनीकी खराबी आ सकती है, जिससे ट्रेन परिचालन बाधित होता है। यह दंडनीय अपराध है और ऐसा करते पाए जाने पर आरपीएफ सख्त कार्रवाई करेगी। रेलवे जमीन पर अतिक्रमण को लेकर उन्होंने बताया कि कार्रवाई लगातार जारी है। हाल ही में मोतीबाग क्षेत्र से कई झोपड़ियां हटाई गईं। तीसरी रेलवे लाइन के कार्य को गति देने के लिए जल्द ही 133 और झोपड़ियों को हटाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

किन्नरों पर कसी जाएगी लगाम

ट्रेनों में किन्नरों की बढ़ती मनमानी को लेकर आरपीएफ ने सख्त रुख अपनाने का संकेत दिया है। वर्ष 2025 में 344 किन्नरों पर कार्रवाई कर 93,000 रुपये से अधिक का जुर्माना वसूला गया। वहीं अवैध वेंडिंग के खिलाफ 5,752 लोगों पर कार्रवाई कर 20 लाख रुपये से अधिक का जुर्माना लगाया गया। इसके अलावा 73 बच्चों को सुरक्षित बचाया गया, जिनमें 44 लड़के और 29 लड़कियां शामिल हैं।

296 मामलों में 56.65 लाख रुपये से अधिक का यात्रियों का सामान लौटाया गया। वहीं 59 मामलों में 2.40 लाख रुपये से अधिक की रेलवे संपत्ति बरामद की गई। गांजा तस्करी के 13 मामलों में 8 आरोपियों को गिरफ्तार कर 51 लाख रुपये से अधिक का गांजा जब्त किया गया।

सोना तस्करी में बड़ी सफलता

आरपीएफ ने कीमती धातुओं की तस्करी के खिलाफ भी बड़ी सफलता हासिल की। एक मामले में 3.27 करोड़ रुपये का सोना और 10.44 लाख रुपये की चांदी के गहने अवैध रूप से ले जाते हुए एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया। ट्रेनों में फरार होने के 16 मामलों में 19 आरोपियों को गिरफ्तार कर संबंधित पुलिस को सौंपा गया।

इनमें हत्या और दुष्कर्म जैसे गंभीर अपराधों के आरोपी भी शामिल हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि वर्ष 2026 में भी एसईसीआर नागपुर की आरपीएफ इसी प्रतिबद्धता के साथ रेलवे और यात्रियों की सुरक्षा में कार्य करती रहेगी।

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