'मैं ट्रेंड वकील, खुद पैरवी करुंगी....गायब हो जाइए ज्ञानेश कुमार', SIR से मौतों पर भड़कीं ममता दीदी

Bengal SIR News: ममता बनर्जी SIR प्रक्रिया के खिलाफ कोर्ट में खुद जिरह करेंगी, सुवेंदु अधिकारी ने आरोपों को झूठ बताया। 2026 चुनाव से पहले मामला गरमाया।
Mamata Banerjee on SIR
ममता बनर्जी (सोर्स- सोशल मीडिया)
Published on
Updated on

West Bengal Politics: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोमवार को कहा कि राज्य में वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) के दौरान हुई मौतों के मामलों को लेकर वह कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगी। उन्होंने बताया कि इस संबंध में मंगलवार को याचिका दाखिल की जाएगी। ममता ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग को वॉट्सऐप के जरिए चलाया जा रहा है। दक्षिण 24 परगना जिले के गंगासागर में एक सरकारी कार्यक्रम के दौरान ममता ने दावा किया कि SIR शुरू होने के बाद डर और तनाव के कारण करीब 70 लोगों की जान जा चुकी है और कई लोग अस्पताल में भर्ती हैं।

ममता ने कहा कि वह सुप्रीम कोर्ट में वकील के रूप में नहीं, बल्कि एक आम नागरिक के तौर पर पेश होने की अनुमति मांगेंगी। उन्होंने कहा जरूरत पड़ी तो मैं सुप्रीम कोर्ट जाऊंगी और जनता की तरफ से पैरवी करूंगी। मैं लोगों की आवाज बनूंगी। ममता ने यह भी याद दिलाया कि उन्होंने कानून की पढ़ाई की है। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का जिक्र करते हुए ममता ने कहा, अगर लोगों के अधिकार छीने गए तो आप भी गायब हो जाएंगे, गायब हो जाइए कुमार।

SIR से 70 लोगों की मौत का दावा

ममता ने आरोप लगाया कि गंभीर रूप से बीमार लोगों को भी SIR के दौरान मतदान केंद्रों पर अपनी वैधता साबित करने के लिए कतार में खड़ा किया गया। उनके अनुसार, पिछले दो महीनों में करीब 70 लोगों की मौत हो चुकी है। उन्होंने सवाल किया क्या किसी का दिल नहीं पसीजता? अगर आपकी 85 साल की मां को एम्बुलेंस से घसीटा जाए, तो दिल्ली के नेता क्या जवाब देंगे? उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि प्लास्टर लगे पैरों वाले लोग, हाल ही में अस्पताल से डिस्चार्ज हुए मरीज और बुजुर्गों को सुनवाई में शामिल होने के लिए मजबूर किया जा रहा है। ममता ने पूछा कि नाम हटाने का आदेश देने वालों के पास क्या अपने माता-पिता के प्रमाण पत्र हैं।

ममता ने क्या आरोप लगए?

  • SIR के तहत बिना ठोस वजह के मनमाने तरीके से वोटर लिस्ट से नाम हटाए जा रहे हैं।
  • SIR अब लोगों को डराने की एक प्रक्रिया बन चुकी है।
  • भाजपा शासित राज्यों में बंगाली बोलने वाले मजदूरों के साथ भेदभाव हो रहा है। उन्होंने कहा कि चाहे उन्हें मार ही क्यों न दिया जाए, वह अपनी मातृभाषा बोलना बंद नहीं करेंगी।
  • भाजपा चुनाव से पहले 10,000 रुपए देती है और चुनाव खत्म होते ही बुलडोजर चला देती है।
  • उन्होंने आरोप लगाया कि AI यह तय कर रही है कि किसका सरनेम बदला है, किसकी शादी हुई है और कौन-सी लड़की ससुराल गई है।
  • शादी, पते में बदलाव या अंग्रेजी और बांग्ला की वर्तनी में मामूली अंतर जैसे कारणों से भी नाम हटाए जा रहे हैं।

11 राज्यों में 3.69 करोड़ नाम ड्राफ्ट सूची से हटे

देश में अब तक SIR प्रक्रिया के तहत 11 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी की जा चुकी है। इसमें कुल 3.69 करोड़ मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं। मध्य प्रदेश में 42.74 लाख, छत्तीसगढ़ में 27.34 लाख, केरल में 24.08 लाख और अंडमान व निकोबार द्वीप समूह में 3.10 लाख वोटरों के नाम कटे हैं।

पश्चिम बंगाल में 58.20 लाख, राजस्थान में 41.85 लाख, गोवा में 11.85 लाख, पुडुचेरी में 1.03 लाख, लक्षद्वीप में 1,616, तमिलनाडु में 97 लाख और गुजरात में 73 लाख वोटरों के नाम ड्राफ्ट सूची से हटाए गए हैं।

Navbharat Live
navbharatlive.com