रात में महिला से बदतमीजी, रैपिडो कैब ड्राइवर ने बीच सड़क पर उतारा; वायरल वीडियो से मचा हड़कंप

Cab Driver Misbehave रात में ऑफिस से लौट रही महिला के साथ रैपिडो कैब ड्राइवर ने गाली-गलौज और बदतमीजी की। बीच सड़क पर उतारने का वीडियो वायरल होने के बाद महिला ने पुलिस और कोर्ट का रुख किया।
A Rapido cab driver’s abusive behaviour with a woman at night sparks outrage after a viral video, leading to legal action.
वायरल वीडियो के स्क्रीनशॉट। (सोर्स - सोशल मीडिया)
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Rapido Cab Viral Video : ऑनलाइन कैब ऐप्स पर भरोसा कर रात में सफर करने वाली महिलाओं की सुरक्षा पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में रैपिडो कैब ड्राइवर का महिला के साथ अपमानजनक और डराने वाला व्यवहार सामने आया है।

वीडियो में महिला रोते हुए बताती है कि ड्राइवर ने न सिर्फ गाली-गलौज की, बल्कि उसे रात में बीच सड़क पर उतार दिया। महिला का कहना है कि वह ऑफिस से घर लौट रही थी और ड्राइवर तेज आवाज में गाने चला रहा था। जब उसने शांति से म्यूजिक का वॉल्यूम कम करने को कहा, तो ड्राइवर भड़क गया और अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने लगा।

कैब ड्राइवर ने की महिला से बदसलूकी

महिला के अनुसार, ड्राइवर ने कहा- “तेरे बाप की गाड़ी है क्या?” और फोन पर बात करने पर उसे गाड़ी से उतरने को कहा। महिला ने ठंड और सुरक्षा का हवाला देते हुए घर तक छोड़ने की बात कही, लेकिन ड्राइवर ने गाड़ी रोककर उसे जबरन उतार दिया। वीडियो में ड्राइवर की आवाज भी सुनाई देती है, जिसमें वह कहता है- “जो करना है कर लो।”

डर और सदमे में महिला ने पहले दूसरी कैब बुक कर वहां से निकलने की कोशिश की, लेकिन बाद में उसने हिम्मत जुटाकर पुलिस स्टेशन जाने का फैसला किया। महिला ने बताया कि पुलिस स्टेशन में पहले शिकायत दर्ज न करने के लिए समझाया गया, लेकिन उसने पीछे हटने से इनकार कर दिया।

लोगों ने महिला के साहस की तारीफ की

अगले दिन महिला ने जिला अदालत में कैब ड्राइवर के खिलाफ केस दर्ज कराया। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद लोग महिला के साहस की तारीफ कर रहे हैं और रैपिडो जैसे प्लेटफॉर्म से सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। कई यूजर्स ने अपने साथ हुए ऐसे ही अनुभव भी साझा किए हैं।

महिला ने अपने वीडियो में साफ कहा कि यह आवाज सिर्फ उसकी नहीं, बल्कि उन सभी महिलाओं की है जिन्हें डराकर चुप करा दिया जाता है। यह मामला दिखाता है कि महिलाओं की सुरक्षा को लेकर सिर्फ ऐप्स के दावों पर नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर सख्त कदम उठाने की जरूरत है।

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