'साबित करो...' मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के बाद अब कांग्रेस नेता का पारा हाई, खुले मंच से दी चेतावनी

Madhya Pradesh सरकार के मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के बाद, अब कांग्रेस नेता ने भी एक पत्रकार के सवाल पर अपना आपा खो दिया। उन्होंने सबके सामने पत्रकार को धमकी भी दी और उसे राजनीति छोड़ने को कहा।
'Prove it...' After Minister Kailash Vijayvargiya, a Congress leader's temper flared, and he issued a warning from a public platform
इंदौर नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष चिंटू चौकसे (फोटो- सोशल मीडिया)
Updated on

Indore Congress Leader Angry Video: इंदौर की राजनीति में इन दिनों नेताओं का पारा सातवें आसमान पर है। अभी मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के तीखे बोल थमे भी नहीं थे कि अब कांग्रेस के फायरब्रांड नेता और नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष चिंटू चौकसे एक पत्रकार पर बुरी तरह भड़क गए। भरी प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने पत्रकार को सीधी चुनौती देते हुए यहां तक कह दिया कि अगर आरोप साबित हुए तो मैं राजनीति छोड़ दूंगा, वरना तुम पत्रकारिता छोड़ देना।

यह पूरा वाकया उस वक्त हुआ जब विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार दूषित पानी से हुई मौतों के मुद्दे पर मीडिया से बात कर रहे थे। तभी एक पत्रकार ने टेंडर और मेयर के साथ कथित मिलीभगत को लेकर सवाल पूछ लिया। सवाल भले ही सिंघार से था, लेकिन पास बैठे चिंटू चौकसे का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने पत्रकार को सबके सामने नसीहत देते हुए कहा कि मैं चिंटू चौकसे हूं, मेरे बारे में जरा सोच-समझकर बोलना।

'लोकतंत्र है तो क्या गोली मार दोगे?'

कांग्रेस नेता चिंटू चौकसे का गुस्सा यहीं शांत नहीं हुआ। बताया जा रहा है कि वह करीब पौने दो मिनट तक पत्रकार से लगातार बहस करते रहे। वहां मौजूद बड़े नेता उमंग सिंघार और सज्जन सिंह वर्मा ने उन्हें शांत कराने की और बैठाने की बहुत कोशिश की, लेकिन वह रुकने का नाम नहीं ले रहे थे। जब वहां मौजूद किसी शख्स ने कहा कि यह लोकतंत्र है और यहां सवाल तो पूछे जाएंगे, तो इस पर चौकसे ने तल्ख लहजे में जवाब दिया कि लोकतंत्र है तो क्या किसी को गोली मार दोगे। उन्होंने पत्रकार को चैलेंज किया कि यदि मेयर पुष्यमित्र भार्गव के साथ मेरे किसी भी तरह के निजी संबंध या सॉफ्ट कॉर्नर साबित कर दो, तो मैं उसी वक्त राजनीति छोड़ दूंगा। उनका यह वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

पहले कैलाश, अब चिंटू का 'पारा'

इंदौर में नेताओं और मीडिया के बीच तल्खी का यह कुछ ही दिनों में दूसरा बड़ा मामला है। इससे ठीक पहले कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय भी एक पत्रकार के सवालों पर अपना आपा खो बैठे थे। जब दूषित पानी और जनता की समस्याओं को लेकर पत्रकार ने जमीनी हालात पर सवाल पूछा था, तो मंत्री ने उसे 'फोकट का सवाल' बताकर टालने की कोशिश की थी। जब पत्रकार ने इस पर आपत्ति जताई तो बात काफी बढ़ गई थी और वहां अमर्यादित शब्दों का इस्तेमाल भी हुआ था। उस घटना पर अभी विपक्ष का विरोध थमा भी नहीं था कि अब खुद कांग्रेस नेता के इस आक्रामक रवैये ने शहर के सियासी पारे को एक बार फिर गरमा दिया है। लोग अब नेताओं की सहनशक्ति पर सवाल उठा रहे हैं।

Navbharat Live
navbharatlive.com