
कांग्रेस नेता हिदायतुल्लाह पटेल की मौत के बाद प्रदर्शन करते समर्थक (सोर्स: सोशल मीडिया)
Hidayatullah Patel Murder Case: महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस के उपाध्यक्ष हिदायत उर्फ हिदायतुल्लाह पटेल पर अकोला के अकोट में नमाज अदा करने के बाद मस्जिद में चाकू से हमला हुआ। गंभीर रूप से घायल पटेल को पहले अकोट के निजी अस्पताल और बाद में अकोला के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन उपचार के दौरान 7 जनवरी की सुबह उनकी मौत हो गई। इस घटना से अकोट और उनके मूलगांव मोहाला में शोक पसर गया।
घटना की जानकारी मिलते ही उनके सैकड़ों समर्थक अकोट ग्रामीण पुलिस स्टेशन में जमा हुए और आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग करते हुए बैठा आंदोलन शुरू किया। लगभग 6 घंटे तक चले आंदोलन के बाद जिला पुलिस अधीक्षक अर्चित चांडक ने आश्वासन दिया कि सभी आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा, 60 दिनों के भीतर आरोपपत्र दाखिल कर फास्टट्रैक कोर्ट में सुनवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि किसी भी गुनहगार को बक्शा नहीं जाएगा, मास्टर माइंड भी गिरफ्तार किए जाएंगे, इसके बाद समर्थक शांत हुए।
6 जनवरी की दोपहर करीब डेढ़ बजे नमाज अदा करने के बाद मस्जिद में हिदायत पटेल पर हमला हुआ। उन्हें गंभीर रक्तस्राव के कारण अकोट के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी स्थिति चिंताजनक बनी रही। बाद में उन्हें अकोला के निजी अस्पताल में स्थानांतरित किया गया, लेकिन उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई।
हिदायत पटेल के भतीजे फतेह अली खां ने अकोट ग्रामीण पुलिस स्टेशन में रिपोर्ट दर्ज कराई। रिपोर्ट में कहा गया कि उबेद पटेल उर्फ कालू पटेल ने चाकू मारकर हत्या की और उसे हत्या के लिए राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (अजित पवार गुट) के मो. बदरुजम्मा, मो. आदिल, कांग्रेस के राजीव बोचे और अकोट के पूर्व नगराध्यक्ष संजय बोडखे ने उकसाया था। इस आधार पर 6 आरोपियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया।
समर्थक पुलिस स्टेशन से बाहर जाने को तैयार नहीं थे और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग पर अड़े रहे। पुलिस अधीक्षक अर्चित चांडक ने स्थानीय अधिकारियों के साथ मिलकर समझाइश दी और आश्वासन दिया कि जांच आईपीएस निखिल पाटिल करेंगे, सभी आरोपी जल्द पकड़े जाएंगे, नार्को टेस्ट होगा और मोबाइल कॉल रिकॉर्ड व डिजिटल जांच की जाएगी। इसके बाद हिदायत पटेल का पार्थिव शरीर उनके मूलगांव मोहाला ले जाया गया, जहां उन पर दफनविधि की गई।
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घटना के बाद अकोट की बाजारपेठ स्वतः बंद हो गई। सोनार मार्केट ने भी स्वेच्छा से दूकानें बंद कीं। हालांकि स्थिति शांत होने पर बाजार फिर से पूर्ववत शुरू हुआ। इस घटना ने अकोट में तनाव का वातावरण निर्माण किया, जिसके चलते दफनविधि के दौरान भारी पुलिस बंदोबस्त तैनात किया गया। हिदायत पटेल अनेक वर्षों तक कांग्रेस के जिलाध्यक्ष थे। कई वर्षों तक जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष थे। कई सहकारी सोसाइटियों में पदाधिकारी थे तथा प्रदेश कांग्रेस के उपाध्यक्ष थे।
अकोला के कांग्रेसी विधायक साजिद खान पठान ने कहा है कि पुलिस का काम है इस मामले में जो भी दोषी है वह किसी भी समाज का हो किसी भी पार्टी का हो उस पर कड़ी कार्रवाई करते हुए गिरफ्तार किया जाना चाहिए। पुलिस का काम है कि वह किसी भी दोषी को बक्शे नहीं। जब प्रदेश कांग्रेस के उपाध्यक्ष तथा वरिष्ठ नेता पर जानलेवा हमला हो सकता है तो यह देख ऐसा लगता है कि जनसामान्य में कोई सुरक्षित नहीं है। कांग्रेस के महानगराध्यक्ष डाॅ. प्रशांत वानखड़े और कांग्रेसी नेता प्रकाश तायडे ने भी इस घटना का तीव्र शब्दों में निषेध करते हुए दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।






