डोमिनोज़ की दादागिरी! गरीब बच्चों गंदे कपड़ों के कारण रेस्टोरेंट में बैठने से रोका, वीडियो वायरल

Dominos Viral Video डोमिनोज के मैनेजर द्वारा गरीब बच्चों को कपड़ों के आधार पर रेस्टोरेंट में बैठने से रोकने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया है।
A Domino’s manager insulting poor kids based on their clothes has sparked massive outrage on social media.
वायरल वीडियो के स्क्रीनशॉट। (सोर्स - सोशल मीडिया)
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Manager Insults kids : एक चौंकाने वाला वीडियो सामने आया है जिसने सोशल मीडिया पर लोगों का गुस्सा बढ़ा दिया है। वीडियो में Domino’s Pizza के एक मैनेजर को गरीब बच्चों को सिर्फ उनके पुराने और धूल भरे कपड़ों के आधार पर रेस्टोरेंट में बैठने से रोकते हुए देखा जा सकता है। वीडियो में बच्चे दुकान के बाहर खड़े दिखाई देते हैं और उन्हें सीट देने से साफ मना कर दिया जाता है।

इसे देख कर वहां मौजूद एक शख्स ने आपत्ति जताई और मैनेजर के रवैये की निंदा की। वीडियो तेजी से वायरल हो गया और लोगों ने सवाल उठाया कि क्या किसी की पहचान उसके कपड़ों से होती है या उसकी इंसानियत से।

वीडियो देख भड़के लोग

सोशल मीडिया पर इस घटना को लेकर भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। कई यूजर्स ने लिखा कि ऐसी सोच समाज के लिए शर्मनाक है और इससे पता चलता है कि हम किस दिशा में जा रहे हैं। लोग कह रहे हैं कि बच्चों का अपमान सिर्फ इसलिए करना गलत है क्योंकि उनके पास ब्रांडेड या साफ कपड़े नहीं हैं।

कई लोगों ने यह भी कहा कि किसी भी कंपनी या संस्थान को ऐसे कर्मचारियों को ट्रेनिंग देनी चाहिए ताकि वे सभी ग्राहकों के साथ बराबरी का व्यवहार करें। वीडियो के कमेंट सेक्शन में लोग लगातार यह मांग कर रहे हैं कि कंपनी इस मैनेजर पर कार्रवाई करे और सार्वजनिक तौर पर माफी मांगे।

गुस्साय लोगों ने कहा #BoycottDominos

Domino’s पर लगातार दबाव बढ़ता जा रहा है और लोग कह रहे हैं कि ऐसी घटनाएं सिर्फ कंपनी की बदनामी करती हैं। कई यूजर्स ने उदाहरण देते हुए बताया कि ग्राहक चाहे गरीब हो या अमीर, सम्मान पाना हर इंसान का हक है। वीडियो को देखकर लोग भावुक भी हुए और कई ने बच्चों के लिए दया जताई।

सोशल मीडिया पर #BoycottDominos और #StopDiscrimination जैसे हैशटैग भी ट्रेंड करने लगे हैं। कई सोशल मीडिया यूजर्स ने यह भी लिखा कि बच्चों को कपड़ों से नहीं, बल्कि उनकी इंसानियत और मासूमियत से परखा जाना चाहिए। इस घटना ने साफ कर दिया है कि समाज में अभी भी भेदभाव जिंदा है और इसे बदलने की जिम्मेदारी हम सबकी है।।

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