
बंद हुए केदारनाथ धाम के कपाट
देहरादून: उत्तराखंड में आज यानी रविवार को केदारनाथ के कपाट वैदिक रीति-रिवाजों के साथ शीतकाल के लिए बंद कर दिए गए। आज इस खास मौके पर 18,000 से अधिक श्रद्धालु वहां मौजूद थे। गढ़वाल हिमालय में स्थित चार धाम (केदारनाथ, बदरीनाथ, गंगोत्री, यमुनोत्री) के कपाट शीतकाल में श्रद्धालुओं के लिए बंद कर दिए जाते हैं।
आज इस बाबत बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) के मीडिया प्रभारी हरीश गौड़ ने बताया कि मंदिर के कपाट बंद होने से पहले सुबह चार बजे वैदिक विधि-विधान व धार्मिक परंपराएं की गईं और सुबह साढ़े आठ बजे कपाट बंद कर दिए गए।
As per religious traditions and rituals, the doors of Kedarnath Dham were closed at the scheduled time this morning amidst chanting of mantras. Jai Baba Kedar🙏 pic.twitter.com/cvxwaSCwKk — Uttarakhand (@UttarakhandGo) November 3, 2024
उन्होंने यह भी बताया कि, कपाट बंद होने की धार्मिक परंपराएं देखने के लिए 18,000 से अधिक तीर्थयात्री वहां पहुंचे। बीकेटीसी के अध्यक्ष अजेंद्र अजय ने बताया कि इस बार 16.5 लाख से अधिक श्रद्धालु तीर्थयात्रा के लिए केदारनाथ पहुंचे।
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जानकारी दें कि, गढ़वाल हिमालय में 11,000 फुट से अधिक की ऊंचाई पर स्थित केदारनाथ देश के विभिन्न हिस्सों में स्थित 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है। यहां हर साल लाखों तीर्थयात्री यहां पहुंचते हैं। सर्दियों में इसके बर्फ से ढक जाने के कारण मंदिर के कपाट बंद कर दिए जाते हैं। गौड़ ने बताया कि भगवान शिव की मूर्ति को मंदिर के द्वार बंद होने से पहले पालकी में ओंकारेश्वर मंदिर में लाया गया, जहां सर्दियों के दौरान उनकी पूजा की जाएगी।
#WATCH | Uttarakhand: The portals of Shri Kedarnath Dham closed for the winter season today at 8:30 am. The portals were closed with Vedic rituals and religious traditions amidst chants of Om Namah Shivay, Jai Baba Kedar and devotional tunes of the Indian Army band. (Source:… pic.twitter.com/vCg2as6aJ7 — ANI (@ANI) November 3, 2024
वहीं इससे पहले बीते 2 नवंबर को उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में स्थित गंगोत्री मंदिर के कपाट शनिवार को अन्नकूट के पावन अवसर पर शीतकाल के लिए बंद कर दिए गए थे। इस बाबत गंगोत्री मंदिर समित के सचिव सुरेश सेमवाल ने बताया था कि समुद्र तल से करीब 10,000 फुट की ऊंचाई पर स्थित गंगोत्री मंदिर के कपाट अन्नकूट के शुभ अवसर पर धार्मिक अनुष्ठानों के बीच दोपहर 12.14 बजे बंद कर दिए गए थे।
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इसके बाद देवी गंगा की प्रतिमा एक पालकी में रखकर मुखबा के लिए रवाना की गई, जहां पूरे शीतकाल के दौरान उनकी पूजा की जाएगी। चार धाम में गंगोत्री मंदिर के कपाट सबसे पहले बंद किए गए थे। इस बार आठ लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने इस मंदिर में दर्शन किए। इसा तरह यमुनोत्री और केदारनाथ मंदिर के कपाट आज रविवार को, जबकि बदरीनाथ मंदिर के कपाट आगामी 17 नवंबर को बंद किए जाएंगे। इन चारों मंदिरों के कपाट हर साल अप्रैल-मई में गर्मियों की शुरुआत के बाद ही खोले जाते हैं। (एजेंसी इनपुट के साथ)






