

Rakesh Sachan Video: बीते कल यानी सोमवार को उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री राकेश सचान ने अधिकारियों द्वारा उनके फोन न उठाने की शिकायतों का वास्तविक जायज़ा लिया। अधिकारी नाकाम रहे। मंत्री ने अपनी नाराजगी जाहिर की और इस संबंध में अधिकारियों को पत्र लिखने के निर्देश दिए। राकेश सचान रायबरेली के प्रभारी मंत्री हैं।
सोमवार को उन्होंने ज़िले के सीएमओ और डीएफओ को उनके सीयूजी नंबरों पर फोन किया। सीएमओ का फोन उनके सहायक ने उठाया, जबकि डीएफओ का फोन नहीं उठा। राज्य के कई जनप्रतिनिधि अधिकारियों द्वारा फोन न उठाने की शिकायत करते रहे हैं।
हाल ही में संसदीय कार्य विभाग ने भी अधिकारियों को अपने प्रतिनिधियों के फोन उठाने के निर्देश जारी किए हैं। लेकिन इस निर्देश की भी धज्जियां उड़ती हुई दिखाई दीं। जिसका तीन मिनट का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
हाल ही में सपा विधायक शिवपाल यादव ने भी इसकी शिकायत की थी। मामला एक सपा कार्यकर्ता से जुड़ा था। कुछ समय पहले शिवपाल यादव ने कार्यकर्ता से जुड़े एक मामले में बुलंदशहर की डीएम श्रुति को फोन किया था। एक दर्जन से ज्यादा कॉल करने के बाद भी जब उनसे संपर्क नहीं हो पाया, तो शिवपाल ने अपनी नाराजगी जाहिर की।
हालांकि एक निजी सहायक ने फोन उठाया, लेकिन डीएम ने फोन नहीं उठाया। नाराज शिवपाल ने विधानसभा अध्यक्ष महाना से इसकी शिकायत की। शिवपाल की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए विधानसभा अध्यक्ष ने जिलाधिकारी को नोटिस जारी किया।
नोटिस जारी होते ही अधिकारियों में हड़कंप मच गया। जिलाधिकारी ने शिवपाल यादव को फोन करके अपनी गलतियों के लिए माफ़ी मांगी। उन्होंने फोन पर बात न कर पाने के लिए अपने कर्मचारियों को भी ज़िम्मेदार ठहराया। शिवपाल ने बाद में मामले को ख़ारिज कर दिया।
लोगों का कहना है कि यूपी की योगी सरकार में मंत्री राकेश सचान ने शिवपाल यादव की शिकायत का रियलिटी चेकर करने के लिए रायबरेली ज़िले के सीएमओ और डीएफओ को उनके सीयूजी नंबर पर फोन किया था। लेकिन अधिकारियों का फोन न उठने से रियलिटी चेक की बजाय फजीहत हो गई।